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Category: ब्रेकिंग न्यूज़

पीलिया खाल तालाब जल संसाधन विभाग के कृपा पात्र ठेकेदार द्वारा निर्माण करवाया जा रहा है । विगत दिनों निर्माण…

पिछला स्टाक के नाम पर सहकारी संस्थाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां , जिम्मेदार शासन को पहुंचा रहे नुकसान एसडीएम तक पहुंची लिखित शिकायत जांच शुरू होने का इंतजार सुसनेर निप्र पिछला स्टांक की आड़ में क्षेत्र की सहकारी संस्थाओं के जिम्मेदारों द्वारा बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की जा रही है । इन गड़बड़ियों को लेकर एक लिखित शिकायत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तक भी पहुंची है । सहकारी संस्थाओं से वितरित की जाने वाली सामग्री को बाजार में भेज दिया जाता है । तथा संस्थाओं के रिकॉर्ड में उसी सामग्री को डेट स्टांक बता कर रखा जाता है । बाद में इस सामग्री को नीलामी में कम दामों में बेचना बताकर कम राशि रिकॉर्ड में जमा कर ली जाती है । क्षेत्र की कुछ सहकारी संस्थाओं ने पीडीएस के राशन का भुगतान पिछले कुछ महीनों से जिला सहकारी बैंक में जमा नहीं कराया है । सूत्रों के अनुसार सहकारी संस्थाओं में किसानों को जो नगद ऋण और खाद दिया जाता है नियमों के अनुसार उसकी अधिकतम सीमा ₹3 लाख से ज्यादा नहीं हो सकती है ।किंतु जिम्मेदारों ने अपने लाभ के लिए नियमों को ताक पर रखते हुए 5 लाख तक का ऋण किसानों के नाम पर स्वीकृत कर रखा है । क्षेत्र की मालनवासा , गणेशपुरा , मैना , जाख जेसी कई सहकारी संस्थाओं में इस तरह की गड़बड़ियां है । सूत्रों के अनुसार सहकारी संस्था मैना और गणेशपुरा में बड़ी संख्या में किसान ऐसे हैं जिन्हें निर्धारित लिमिट से अधिक का ऋण स्वीकृत किया गया है ।सहकारी संस्था मैना में तो ऐसे सदस्यों की संख्या 100 से भी अधिक है । सहकारी संस्था मालनवासा मैं डेट स्टॉक के नाम पर लाखों की गड़बड़ियों की शिकायत अनुविभागीय अधिकारी को लिखित में की गई है । इन गड़बड़ियों के चलते क्षेत्र की कुल 9 सहकारी संस्थाओं में से एक संस्था लाभ में नहीं है । कोई संस्था एक करोड़ के घाटे में हैं तो कोई संस्था लाखों के घाटे में है । इन संस्थाओं के नाम पर 6 माह के अर्धवार्षिक पत्रक सहकारी संस्थाओं के सुपरवाइजर के पास से जमा किया जाता है । उस अर्धवार्षिक पत्र का संस्था में भौतिक सत्यापन हो तो सारी सच्चाई सामने आ सकती है । क्योंकि अधिकतर संस्थाओं में अर्धवार्षिक पत्र में जो सामग्री डेट स्टॉक के नाम पर रिकॉर्ड में दिखाई गई है उसमें से अधिकांश सामग्री मौके पर मौजूद ही नहीं है । कुल मिलाकर सहकारिता के जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से नहीं निभा कर निजी हित साधने में लगे हैं । सहकारिता विभाग के जिम्मेदार पिछले 3 वर्षों के सहकारी संस्थाओं के डेट स्टांक और कुल स्टांक की जांच कर उसका भौतिक सत्यापन करें साथ ही इस बात की भी जांच करें कि डेट स्टॉक निराकरण के लिए जो समिति बनी है उस समिति में कुल कितनी सहकारी संस्थाओं को कितना सामान बेचने की इजाजत दी है । अच्छी सामग्री को खराब बताकर बना देते हैं डेट स्टॉक —- सहकारी संस्थाओं में वितरण के लिए जो भी सामग्री शासन से आती है उसमें से अधिकांश सामग्री को वितरण नहीं करते उसे कागजों में कुछ कारणों से खराब होना बताकर उसे डेट स्टाक में बता दिया जाता है । जबकि हकीकत में यह सामग्री खुले बाजार में बेच दी जाती है ।डेट स्टाक सामग्री को बेचने के लिए शासन से सहकारिता विभाग के अधिकारियों की समिति का गठन कर रखा है । वह समिति सहकारी संस्थाओं को डेट स्टॉक बेचने की अनुमति देती है उसे बेचकर कम दाम के नाम से राशि शासन अथवा विभाग को जमा करके दी जाती है । इनका कहना सुसनेर क्षेत्र की कुछ सहकारी संस्थाओं में डेट स्टॉक के नाम पर गड़बड़ियां किए जाने की लिखित शिकायत मिली है । जिसमें कुछ संस्थाओं के नाम भी हैं । मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। सोहन कनाश अनुविभागीय अधिकारी सुसनेर

पिछला स्टाक के नाम पर सहकारी संस्थाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां , जिम्मेदार शासन को पहुंचा रहे नुकसान  …

देवघाट पर पितरों की याद में मनाई गई पितृ दीपावली, जगमगा उठे लाखों दीप

  गेंदे के फूलों ने विष्णुपद मंदिर की अलौकिक छटा बिखेरी दीपदान से होता है पितरों का मार्ग आलोकित गया।…

एक पिता अपने बिमार बेटे को बचाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र बनाने सरकारी दफ्तर के चक्कर लगा लगा कर थक चुका हैप्रदेश में चल रहा है मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान में भी एक पिता को निराशा हाथ लग रही है

  सुसनेर से युनूस खान लाला की रिपोर्ट चिरंतन न्यूज के लिए मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा प्रदेश की…