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प्रदेश /सुसनेर विकासखंड

सुसनेर से यूनुस खान लाला की रिपोर्ट चिरंतन न्यूज़ के लिए

प्रदेश शासन ने पशु पालन से ग्रामीणों व किसानों की आय बढ़ाने के लिए यह योजना जोड दिया  जहाँ पर पशुओं को रखने के लिए शासन द्वारा पशु पालकों को शेड बना कर दिए जाने की योजना लागू की गई है। योजना में अधिकारियों ने शासन की मंशा और नियमों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से लाभ दिए जाने की बात सामने आ रही है ।

स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को लाभ दे दिया जिनका पशुपालन से कोई लेना-देना ही नहीं

योजना के तहत अपात्रों को लाभ दिए जाने के साथ नियमों का पालन भी नहीं किया गया। जिन हितग्राहियों को लाभ दिया गया वे योजना के लिए पात्र हैं या नहीं इसका ना तो आजीविका मिशन ने जांच की और ना ही जनपद पंचायत ने की है , कागजों की खानापूर्ति कर लाभ  दिया गया है । यही नहीं योजना में कई ऐसे स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को लाभ दे दिया गया जिनका पशुपालन से कोई लेना-देना ही नहीं है ।

जानकारी के अनुसार मनरेगा के अंतर्गत गोवंश पशु गाय और भैंस बकरी कथा कुक्कुट पालन के लिए शेड निर्माण करया जाना है इसके लिए शासन द्वारा पशुपालकों को आर्थिक मदद प्रदान किया जाना है। या कार्य मनरेगा के तहत मजदूरों से कराया जाना यह जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्रामों में आने वाले कृषक वाह पशु पालक अपनी निजी भूमि पर  शेड का निर्माण कराना है ।

योजना के तहत सुसनेर विकासखंड में अभी तक 417 हितग्राहियों को पात्र मानकर उनको योजना का लाभ दिया जा चुका है ।जिसमें प्रथम किस्त नींव की खुदाई एवं भराई व कालम द्वितीय कुर्सी स्तर तक तीसरी किस्त छत तक एवं चतुर्थी की फिनिशिंग सहित अन्य कार्यों के लिए प्रदान किए जाते हैं ।योजना अंतर्गत पांच पशुओं के सेट के लिए कुल ₹62787 10 पशुओं के सेट के लिए ₹99918 बकरी पालन शेड के लिए ₹45982 कुक्कट पालन शेड बैकयार्ड के लिए 50 हजार ₹866 प्रदान किए जाएंगे ।

पात्रता कि नहीं कि किसी ने जांच —जानकारी के अनुसार योजना का लाभ मध्य प्रदेश आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूह एवं मिशन द्वारा निर्धारित अन्य समूह या उनके परिवार के सदस्य जो सामुदायिक निवेश निधि एवं बैंक लींकेज के माध्यम से पशु पालन कुक्कुट पालन करते हैं , उन्हें योजना का लाभ दिया जाना था ।

ऐसे स्वयं सहायता के चयन का जनपद पंचायत सीईओ को स्वीकृत हेतु  भेजना था । किंतु आजीविका मिशन के द्वारा समूह या समूह का सदस्य पशुपालन का कार्य करता है आवास योजना के लिए पात्र है या नहीं इसकी जांच नहीं की ।योजना के लिए जिन स्वयं सहायता समूह ने आवेदन दिया उन्हें सीधे ही जनपद पंचायत को भेज दिया गया । वही जनपद पंचायत के अधिकारियों ने भी योजना का लाभ देने से पूर्व समूह के संबंध में कोई जानकारी नहीं ली। इसके अलावा योजना के अन्य नियमों को ताक पर रखकर लाभ दे दिया गया। 

विधायक एवं जनपद प्रधान कर चुके हैं शिकायत— 

पशु शेड योजना में भ्रष्टाचार कर मनमाने तरीके से लाभ दिए जाने तथा छात्रों को लाभ दिए जाने के संबंध में क्षेत्र के विधायक राणा विक्रम सिंह तथा जनपद पंचायत प्रधान सुनीता पाटीदार ने शिकायत कर चुके हैं किंतु शिकायत के बाद अधिकारियों ने मामले को दबा दिया । 

हमने किसी की अनुशंसा नहीं की —

आजीविका मिशन के जिला अधिकारी रानी कुमारी ने की बताया पशु शेड योजना में हमसे जनपद ने स्वयं सहायता समूह सूची मांगी गई थी । जो हमने उपलब्ध करा दी है । समूह योजना के लिए पात्र है या नहीं इसकी जांच हमने नहीं की है । जिला पंचायत अधिकारी के बयान साथ मिशन की ओर से जनपद पंचायत को भेजे गए पत्र जिसमें पंचायत योजना के लिए आवेदन करने वालों जो सूची भेजी गई उसमें कहीं भी या उल्लेख नहीं किया गया है कि यह समूह योजना के लिए पात्र हैं तथा इनकी जांच कर ली गई है इससे स्पष्ट है कि मिशन की ओर से कोई जांच नहीं की गई ।

इनका कहना 

आजीविका मिशन की ओर से जिन स्वयं सहायता समूह की सूची भेजी गई उनके अन्य जरूरी कागजात लेकर उन्हें लाभ दिया है । हमने यह जांच नहीं की यह पशु पालन को कार्य करना है या नहीं इसकी जांच मिशन के अधिकारियों को करना थी।जनपद पंचायत में अभी तक 417 हितग्राहियों को लाभ दिया है ।

आशीष मंडलोई एपीओ मनरेगा जनपद पंचायत  सुसनेर

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