Domain Registration ID: DD9A736AA76EB45DBBFAF21E3264CDF2D-IN Editor - Neelam Dass, Add. - 105 Jawahar Marg, Ujjain M.P., India - Mob. N. - +91- 8770030644

November 2021

फरीदाबाद : चीफ वार्डन सिविल डिफेंस व विषय विशेषज्ञ आपदा प्रबंधन डॉ एमपी सिंह ने बताया कि उपायुक्त फरीदाबाद जितेंद्र यादव के आदेशानुसार जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राजा नाहर सिंह किला में 30 नवंबर को सुबह 10:30 बजे मॉकड्रिल का आयोजन किया जाएगा जिसमें जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, सेना ,पुलिस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, रेडक्रॉस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग, जनसंपर्क विभाग, राजस्व विभाग ,खाद आपूर्ति विभाग ,नगर निगम, बीएसएनल तथा अन्य एजेंसी भाग लेंगी!

इसे भी पढ़े : ट्रैक्टर की टक्कर से स्कूटी सवार मां-बेटे की मौत

डॉ एमपी सिंह ने बताया कि इस प्रकार की अनेकों मॉकड्रिल फरीदाबाद में प्रशासन के साथ और सहयोग से अनेकों बार हो चुकी है क्योंकि यह औद्योगिक नगरी है और डिजास्टर प्रोन एरिया में आता है इसलिए जिला स्तर पर तैयारियों के आकलन के लिए पूर्वाभ्यास होता रहता है
डॉ एमपी सिंह ने बताया कि प्राकृतिक आपदा कभी भी कहीं पर भी किसी भी रूप में आ सकती है प्राकृतिक आपदा कभी किसी को सूचना देकर या बताकर नहीं आती है लेकिन इस को बुलाने में कहीं ना कहीं हमारी ही भागीदारी होती है हम हर पल हर क्षण अनैतिक कार्यों को जन्म दे रहे हैं जल दोहन भूमि दोहन हमारा मुख्य पेशा बन चुका है कच्चे पहाड़ों को तोड़ना बन और जंगलों को उजाड़ना आधुनिक युग के लोगों को ज्यादा मन भा रहा है जिसकी वजह से कभी सुनामी आती है तो कभी भूकंप, कोरोना महामारी ने तो सभी की आंखें खोल दी लेकिन फिर भी अधिकतर लोग प्रकृति को नहीं मान रहे हैं इसलिए प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले जान मल के नुकसान से बचने के लिए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सौजन्य से स्कूल ,कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर मॉक ड्रिल होती रहती हैं इससे हम बचाव और राहत कार्यों का प्रशिक्षण प्राप्त कर बचाव पक्ष में कार्य कर सकते हैं!

इसे भी पढ़े : बुजुर्ग ने वृद्धा के साथ रेप किया, आरोपी गिरफ्तार

डॉ एमपी सिंह ने बताया कि जिस दिन 7 और 8 रिक्टर स्केल पर भूकंप आया उस दिन बहुमंजिला इमारतें धराशाई हो जाएंगी और इनमें रहने वाले नागरिकों को खामियाजा भुगतना पड़ेगा क्योंकि अधिकतर इमारतें आपदा प्रबंधन अधिनियम के आधार पर नहीं बनी है खोखली इमारतें खड़ी है जिनमें अनेकों बार आगजनी घटनाएं देखने को मिल चुकी है अनेकों परिवार अपनी गलतियों का खामियाजा भुगत चुके हैं बाद में पश्चाताप करने से कोई फायदा नहीं होता है हमारे पास बुद्धि और विवेक है इसलिए पहले ही हमें सोच समझकर कार्य करना चाहिए संपूर्ण जानकारी लेने में किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं है आपदा नॉर्म्स पर इमारत बनाकर आगामी पीढ़ी को बचाने में अपनी अहम भूमिका निभा सकते हैं!

Leave a Reply