Domain Registration ID: DD9A736AA76EB45DBBFAF21E3264CDF2D-IN Editor - Neelam Dass, Add. - 105 Jawahar Marg, Ujjain M.P., India - Mob. N. - +91- 8770030644
“शब्दाक्षर” की ऑनलाइन राष्ट्रीय काव्य गोष्ठी में कवियों ने लूटी वाहवाही
गया से डॉ रश्मि ने पढी़ अपनी रचनाएं

या। साहित्यिक संस्था ‘शब्दाक्षर’ की ओर से हिन्दी दिवस के सुअवसर पर “शब्दाक्षर की मस्तक बिंदी, बनी हुई है सुरभित हिंदी” विषय पर अॉनलाइन राष्ट्रीय काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता ‘शब्दाक्षर’ के मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजीव खरे ने की।

इसे भी पढ़े : एंबुलेंस से 280 लीटर शराब बरामद

कार्यक्रम का शुभारंभ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष श्री राम पंचाल भारतीय द्वारा प्रस्तुत स्वागत वक्तव्य से हुआ।शब्दाक्षर के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रताप सिंह ने अपनी कविता “सकल विश्व इसको भारत भाषा माने, भारत भर में सबल करो अपनी हिंदी” प्रस्तुत करके सब को हिन्दी का सम्मान करने की बात कही। इस काव्यगोष्ठी में देश के विभिन्न राज्यों से आमंत्रित कवियों की प्रतिभागिता रही। बिहार इकाई की प्रदेश साहित्य मंत्री प्रोफेसर डॉ० कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी ने अपनी कविता हिन्दी भाषा से “सुख में संग-संग मुस्काती है, दुःख में देती हमें दिलासा, हिन्दी बिन हम यों हैं, ज्यों बिन पानी तड़पे कोई प्यासा, शिक्षक, शिक्षा एवं हिन्दी भाषा का अटूट नाता, बतलाने ही प्रिय सितंबर माह सदा शायद आता, है हिन्दी साहित्य श्रेष्ठ, गौरवशाली इसकी गाथा'” पंक्तियों का सस्वर पाठ किया।

काव्य गोष्ठी में अतिथि कवियों के साथ-साथ कवयित्री अंजू छारिया,ऋचा सिन्हा, सुशीला चनानी, सरजू प्रसाद विश्वकर्मा, विभा जोशी, खिलेश शर्मा, डॉ पोपट बिहारी, निशांत सिंह गुलशन, वंदना चौधरी तथा चन्द्रमणि चौधरी आदि ने हिन्दी भाषा को समर्पित भी अपनी कविताएँ पढ़ीं। काव्यगोष्ठी का संचालन दिल्ली की शब्दाक्षर प्रदेश अध्यक्ष संतोष संप्रीति तथा धन्यवाद ज्ञापन सत्येन्द्र सिंह ‘सत्य ने किया।

Leave a Reply