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386 परिवारों के 1779 व्यक्तियों को किया शिफ्ट

मध्यप्रदेश : प्राप्त जानकारी के अनुसार कसरावद तहसील के 18 गांवों में 87 परिवारों के 437 व्यक्तियों को 22 राहत शिविरों में और महेश्वर तहसील के 7 गांवों में 109 परिवार के 480 व्यक्तियों को 5 राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है। इसी तरह बड़वाह और सनावद तहसील में भी बचाव व राहत के कार्य किए गए है। बड़वाह एसडीएम श्री मिलिंद ढोके ने बताया कि बड़वाह तहसील 4 गांवों में 38 परिवारों के 153 व्यक्तियों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है। वही सनावद तहसील के 6 गांवों में 152 परिवारों के 709 व्यक्तियों को राहत शिविर में रखा गया है। सभी स्थानों पर राहत शिविर संबंधित गांव के शासकीय भवनों जैसे स्कूल या आंगनवाड़ी केंद्रों के अलावा अन्य शासकीय भवन में शिफ्ट किया गया है। हालांकि कहीं पर अपने रिश्तेदार या परिचितों के घरों में भी ठहरे है।

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गंभीर हुआ लबालब बड़े पुल पर भी आया पानी

उज्जैन।। मानसून प्रदेश के साथ शहर पर भी मेहरबान है। शनिवार दोपहर से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला रविवार शाम तक जारी रहा जिसका परिणाम यह हुआ कि शिप्रा नदी में बाढ़ के बाद लगातार दूसरे रविवार बड़े पुल पर पहुंच गई जबकि पेयजल सप्लाय का स्त्रोत साहेबखेड़ी तालाब भी लबालब हो गया है। पीएचई से मिली जानकारी के अनुसार साहेबखेड़ी तालाब में 360 एमसीएफटी पानी स्टोर हो चुका था, जबकि गंभीर बांध में पानी का लेवल 2250 एमसीएफटी बना हुआ है।

लगातार उरई बारिश का असर उज्जैन शहर में भी दिखाई दे रहा है लोग घरों के अंदर बैठे हुए हैं काफी समय से पर्याप्त बारिश होने का इंतजार शहर के लोग कर रहे थे पिछले दिनों की बारिश ने अपना रौद्र रूप दिखाया था उसके बाद कुछ दिनों के लिए बारिश थम गई थी लेकिन शनिवार से शुरू हुई बारिश रविवार को तक कभी तेज तो कभी धीमी गति से बारिश का दौर शुरू हुआ जो तुमने का नाम नहीं ले रहा है इस बार देखा जाए तो नदी नाले सही तलाब भी भरपूर हो चुके हैं गंभीर डेम में भी 2250 एमसीएफटी पानी आ गया है जो पूरे शहर की साल भर जलापूर्ति कर सकता है वही शिप्रा तट पर भी बड़े पुल तक पानी आ चुका है जिससे ऐसा लगता है कि अब इंद्र देवता की नाराजगी दूर हो गई है

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