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उपभोक्ताओं की नहीं हो रही सुनवाई।

मेघनगर।मनीष नाहटा।

 नगर में बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को मनमाने तरीके से बिजली के बिल दिये जा रहे है। लोग इससे परेशान है वहीं उनका यह भी कहना है कि इस संबंध में विभागीय अधिकारी उनकी सुनवाई नहीं करते है। लोगों का यह भी कहना है कि खपत कम होने के बाद भी अधिक राशि के बिल आ रहे है यह बात समझ से परे है।हाल ही में बिजली विभाग ने जुलाई माह के विद्युत बिल उपभोक्ताओं को जारी किए हैं वे अत्यधिक व मनमानी राशी के होकर सामान्य बिल के मुकाबले कई गुना अधिक राशि के है जिन्हें  भरने में असमर्थता व्यक्त करने पर उपभोक्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है।अधिकांश मामलों में उपभोक्ताओं के यहां इतनी अधिक खपत ही नहीं है जितनी राशि के विद्युत मंडल द्वारा बिल दिये जा रहे है।कई लोग तो कच्चे व किराए के मकानों में निवास कर रहे हैं जिनके यहां विलासिता तो दूर की बात आवश्यक विद्युत उपकरण तक नहीं है। इनमें बडी संख्या में अत्यधिक गरीब उपभोक्ता भी हैं जो कि एक ही कमरे में रहकर जैसे तैसे जीवन यापन कर रहे हैं उन्हें भी काफी अधिक राशि के बिल थमा दिये गये।यही स्थिति मध्यमवर्गीय व उच्चवर्गीय उपभोक्ताओं की भी है।इन्हें भी विभाग द्वारा भारी भरकम बिल थमाये गये है जिससे लोगो में काफी आक्रोश है।

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रीडिंग किए बिना ही विद्युत बिल जारी

कई संयोजनो पर तो विद्युत मीटर की रीडिंग किए बिना ही मनमानीपूर्वक विद्युत बिल जारी कर दिए हैं और कई कनेक्शनों पर महीनों बाद रीडिंग की गई एवं बीते माह की रीडिंग को भी  जोड़ते हुए एक ही माह की खपत मानकर बिल में जोड़ दिया गया है।


विभाग मे लग रही लोगों की भीड़


इधर विद्युत मंडल विभाग में ऐसे लोगों की भीड़ सुबह से ही लगने लगती है जो अपने बिल में दर्शायी राशि से असंतुष्ट होकर या तो सुधार करवाने आते है या फिर राशि को दो हिस्सों में भरने के लिए आवेदन लगाने आते है। कई उपभोक्ताओं ने चर्चा में बताया कि भारी भरकम बिल आने से आर्थिक बजट बिगड़ गया है,वहीं कोरोना के चलते व्यापार पहले ही मंदा चल रहा है।ऐसी स्थिति में भी उनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है।उपभोक्ताओं का कहना है कि विद्युत विभाग के कार्यालय में जाने पर अधिकारी व कर्मचारी कहते है कि बिल खपत अनुसार ही आ रहा है।वहीं कई उपभोक्ताओं का कहना है घरों में खराब वायरिंग का हवाला देकर उन्हें उल्टे पांव लौटा दिया गया जबकि नये मकानों में भी सभी जगह एक साथ वायरिंग खराब बताना सभी की समस्या का हल नहीं है अधिकारियों केइस प्रकार के बेतुके जवाब से उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है।
इस संबंध में मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के कनिष्ठ यंत्री आर एस बघेल से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं के बिलों को देखने के बाद ही वास्तविक स्थिति का पता चलेगा अगर बिल में किसी प्रकार की कोई त्रुटि है तो उसका संशोधन किया जाएगा तथा अधिक राशि के बिल भरने में कोई असमर्थ है तो उसकी किस्त की जा सकती है।

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