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स्वास्थ्य एवं राजस्व विभाग की टीम ने की कार्रवाई
बरसाती मेंढक की तरह झोलाछाप डॉक्टर पनप कर सामने आ रहे

तनोडिया। बिना किसी वैध अनुमति के लोगों का उपचार करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग एवं राजस्व विभाग द्वारा छापामार कार्रवाई की जा रही है गत दिनों जिला मुख्यालय पर कार्रवाई किए जाने के बाद शनिवार को स्वास्थ्य विभाग एवं राजस्व विभाग की टीम तनोडिया में संचालित एक निजी क्लीनिक सेंटर पर पहुंची जहां जांच पड़ताल में पाया गया कि क्लीनिक बिना किसी वेद अनुमति के संचालित किया जा रहा है हालांकि क्लीनिक के बाहर लगे बोर्ड पर पंजीयन नंबर जरूर लिखा हुआ है ऐसे में टीम द्वारा मौका पंचनामा बनाया गया है .

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जानकारी के अनुसार तनोडिया में पिपलोन चौपाटी पर चल रहे एक निजी क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा औचक निरीक्षण किया गया यहां बड़ी मात्रा में लोगों का सर्दी खांसी बुखार सहित अन्य बीमारियों का उपचार कथित डॉ अभिषेक सोलंकी द्वारा किया जा रहा था पिछले 6 माह से बेरोकटोक चल रहे इस क्लीनिक के संबंध में जब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा जानकारी ली गई तो संबंधित क्लीनिक संचालक के पास दस्तावेज नहीं पाएगा व बिना किसी वेद अनुमति वह पंजीयन के क्लीनिक का संचालन पाया गया ऐसे में अधिकारियों ने मौका पंचनामा बनाकर कार्रवाई को आगे बढ़ाया इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजीव बरसे ना नायब तहसीलदार दीपिका झाला तनोडिया चौकी प्रभारी तरुण कुमार बोडके आदि उपस्थित थे .

कई लोगों का चल रहा था उपचार

डॉक्टर बरसेना ने बताया कि बिना डिग्री को पंजीयन के क्लीनिक चलाए जाने की शिकायत लंबे समय से मिल रही थी जिसके बाद कार्रवाई की गई है ,मौसम परिवर्तन के कारण ग्रामीण क्षेत्र में सर्दी खांसी एवं बुखार से ग्रसित लोगों की संख्या में एकाएक इजाफा हो रहा है ऐसे में उक्त क्लीनिक पर ग्रामीणों की भीड़ देखी जा रही थी गत दिनों पुलिस द्वारा भी क्लीनिक संचालक को भीड़ एकत्रित नहीं करने एवं कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करने की समझाइश दी गई थी शिकायत मिलने पर जब स्वास्थ्य विभाग की टीम क्लीनिक पर पहुंची तो वहां दर्जनों लोगों का उपचार संबंधित क्लीनिक संचालक द्वारा किया जा रहा था एवं क्लीनिक के बाहर भी लोगों की भीड़ लगी हुई थी .

कोरोना मरीजों का उपचार करने की भी मिली थी शिकायत*वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण तेज गति के साथ खेल रहा है जिससे तनोडिया वासियों भी अछूते नहीं रहे हैं आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में भी संक्रमण फैला हुआ है एवं मौसम परिवर्तन के चलते सर्दी खांसी एवं बुखार से ग्रसित मरीज सामने आ रहे हैं अपने आप को कोरोना संदिग्ध मानते हुए लोग जिला अस्पताल उपचार के लिए नहीं जाते हुए गांव में ही झोलाछाप डॉक्टरों से अपना उपचार करवा रहे हैं ऐसे में कई ग्रामीणों की मृत्यु होने के मामले भी सामने आ रहे हैं लोगों में यह भ्रांति फैली हुई है कि यदि वे अस्पताल जाएंगे तो उन्हें कोरोनावायरस बताकर भर्ती कर लिया जाएगा ग्रामीण स्तर पर खेल रही इस भ्रांति से संक्रमण फैलने की संभावना अधिक बढ़ रही है.

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बरसाती मेंढक की तरह पनप रहे झोलाछाप डॉक्टर

कोरोना महामारी के इस दौर में ग्रामीण क्षेत्रों में बरसाती मेंढक की तरह झोलाछाप डॉक्टर पनप कर सामने आ रहे हैं तनोडिया में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्रवाई तो की गई लेकिन इसके अतिरिक्त पिपलोनकलां व आसपास गांवों के क्षेत्र में लगभग तीन दर्जन अवैध निजी क्लीनिक संचालित हो रहे हैं जिसमें अनुभवहीन लोग डॉक्टर बनकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक क्लीनिक पर कार्रवाई करने के बाद अन्य अवैध निजी क्लीनिक पर कारवाई न करना समझ से परे है और यही वर्तमान में जन चर्चा का विषय बना हुआ है झोलाछाप डॉक्टर सर्दी बुखार जैसी सामान्य बीमारी समझकर कोरोना संदिग्धों का उपचार करने में जरा भी संकोच नहीं कर रहे हैं और लोगों की जान के साथ खुलेआम खिलवाड़ हो रहा है समय रहते जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को इस ओर ध्यान देकर कार्रवाई करना चाहिए .

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