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यूनुस खान लाला की रिपोर्ट चिरंतन न्यूज़ के लिए

आगर जिले की लगभग ढाई सौ दुकानों के जरिए लगभग एक लाख परिवारों तक वितरित होने वाले सार्वजनिक वितरण प्रणाली के राशन में बड़ी गड़बड़ी की आशंका  खड़ी हो गई है । इन आशंकाओं के चलते खाद्य विभाग मामले की जांच कर रहा है ।जिला खाद्य अधिकारी टीका राम अहिरवार ने जिले की सभी दुकानों से अप्रैल 2020 से फरवरी तक का डाटा मांगा है । गड़बड़ी की आशंका इसलिए पैदा हो रही है कि राशन वितरण करने वाली पीओएस मशीन ओर स्टॉक दुकानों पर मौजूद स्टॉक रजिस्टर से मैच नहीं खा रहा है । अधिकांश दुकानों के रजिस्टर में जो स्टॉक है उससे दोगुना और उससे भी ज्यादा पीओएस मशीनों में स्टॉक आ रहा है ।शासकीय नियमों के अनुसार पीओएस मशीन पर थंभ लगाकर ही राशन दिया जाता है तथा दुकानदार के पास कितना राशन किस मशीन में महीने में आया और कितना वितरित किया गया एवं कितना शेष है इसका पूरा डाटा पीओएस मशीन में सुरक्षित रहता है । अब मशीनों में गड़बड़ी है या फिर कोई और कारण है । इसका खुलासा तो खाद्य विभाग की जांच के बाद ही हो पाएगा इस जांच के लिए जिला कलेक्टर ने हर तहसील के लिए एक दल का गठन किया है । सुसनेर तहसील में इसकी जांच के लिए तहसीलदार संजीव सक्सेना को जांच अधिकारी भी नियुक्त किया गया है। किंतु प्रशासन अपनी जांच कर पाता उससे पहले ही सहकारी संस्थाओं व राशन वितरण करने वाली दुकानों के सेल्समैनओ वह कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी जिससे सवाल खड़े हो रहे हैं कि कहीं हड़ताल जांच से बचने की कोशिश तो नहीं है।

सुसनेर क्षेत्र में प्रति माह वितरित होता है 7000 क्विंटल राशन

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सुसनेर क्षेत्र की करीब 64 दुकानों से लगभग 7000 क्विंटल राशन प्रति माह वितरित होता है। 22 मार्च 2020 से कोरोना वायरस लाख डाउन हो गया था तथा उसके बाद केंद्र सरकार की योजना के तहत अतिरिक्त राशन भी हितग्राहियों में वितरित किया गया था । अप्रैल 2020 से ही अगर गड़बड़ियों की जांच हो तो एक बड़ा मामला सामने आ सकता है।  इंदौर में प्रशासन ने बड़ा राशन घोटाला पकड़ा है अगर आगर जिले में भी गंभीरता से जांच हो तो बड़ी गड़बड़ी सामने आ सकती है।

अगर ऑफलाइन वितरण हुआ है तो किसके लिखित आदेश से—-

राशन दुकानदारों के द्वारा सर्वर डाउन होने के चलते यदि राशन का ऑफलाइन वितरण भी किया गया है तो आखिर ऐसा करने का लिखित आदेश किस अधिकारी ने दिया ।क्योंकि शासकीय नियमों के अनुसार राशन वितरण ऑनलाइन ही वितरण किया जाना था । प्रशासन के सामने जांच में अगर यह बात आती है कि राशन का ऑफलाइन वितरण किया गया तो इसका लिखित आदेश आखिर किस अधिकारी ने जारी किया था और क्यों ।प्रशासन को इसकी भी जांच करना चाहिए ।पीओएस मशीन और स्टॉक रजिस्टर का स्टाक नहीं हो रहा मैच जांच कर रहे हैं दुकानों से डाटा मांगा है।

इनका कहना

आगर जिले में 250 के लगभग राशन वितरण की दुकानें हैं जिनमें से अधिकांश दुकानों के स्टॉक रजिस्टर में मौजूद स्टॉक तथा शासन को स्टॉक बताने वाली पीओएस मशीन के स्टॉक में अंतर आ रहा है । इसके लिए सभी दुकानदारों से अप्रैल 2020 से अभी तक का डाटा मांगा गया है यह तकनीकी खराबी भी हो सकती है । मामले की जांच की जा रही है प्रशासन की ओर से जांच के लिए सभी तहसील स्तरों पर टीमों का गठन भी किया गया है।

टीकाराम अहिरवार जिला खाद्य अधिकारी आगर मालवाजिलाधीश के द्वारा राशन वितरण दुकानों की जांच के लिए दल बनाया है । दल का मुखिया मुझे मनाया गया है दल के सदस्यों के आने के बाद ओर कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद जांच की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ।इसके बाद सच्चाई सामने आ सकती है ।

संजीव सक्सेना तहसीलदार सुसनेर

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