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अमेरिका के जो बाइडन प्रशासन के कश्‍मीर को भारत का बताए जाने पर पाकिस्‍तान को मिर्ची लग गई है. पाकिस्तान ने इसका जमकर विरोध किया है. दरअसल, अमेरिका के विदेश मंत्रालय के दक्षिण एवं मध्य एशिया ब्यूरो ने एक ट्वीट किया था, जिसमें उसने कहा था कि भारत के जम्मू-कश्मीर में 4जी इंटरनेट सुविधा बहाल होने का हम स्वागत करते हैं. अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जम्मू-कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवा बहाल होने का जिक्र अपने ट्वीट में करने पर पाकिस्तान ने गहरी निराशा जाहिर की है.

इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश विभाग ने कहा, जम्मू-कश्मीर के दर्जे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अनेक प्रस्तावों में तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा विवादित माना गया है, ऐसे में यह जिक्र असंगत है. पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी इस विवाद में कूद पड़े हैं.

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महमूद कुरैशी ने कहा कि बाइडन प्रशासन को कश्‍मीर में जमीनी हकीकत को अनदेखा नहीं करना चाहिए. उन्‍होंने दुनिया से अपील की कि कश्‍मीर मुद्दे का शांतिपूर्वक समाधान होना चाहिए. कुरैशी ने कहा कि बाइडेन प्रशासन मूलाधिकारों की बात करता है लेकिन कश्‍मीर में जमीनी हकीकत को अनदेखा कर रहा है. उधर, इस विवाद पर बाइडन प्रशासन की ओर से बुधवार को कहा गया कि उसकी जम्मू-कश्मीर संबंधी नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

ट्वीट के बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने पत्रकारों से कहा, मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि क्षेत्र में अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

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विदेश मंत्रालय के दक्षिण एवं मध्य एशिया ब्यूरो ने ट्वीट किया था, भारत के जम्मू-कश्मीर में 4जी इंटरनेट सुविधा बहाल होने का हम स्वागत करते हैं. यह स्थानीय निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और हम जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए राजनीतिक एवं आर्थिक प्रगति जारी रखने को लेकर आशावान हैं

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