Domain Registration ID: DD9A736AA76EB45DBBFAF21E3264CDF2D-IN Editor - Neelam Dass, Add. - 105 Jawahar Marg, Ujjain M.P., India - Mob. N. - +91- 8770030644

सुसनेर नवप्र ! प्रदेश की सरकारी स्कूलों में खेल गतिविधियां संचालित करने के उद्देश्य से शासन द्वारा फिट इंडिया मूवमेंट मिशन के तहत करोड़ों रुपयों का बजट जारी किया गया था । प्रदेश के साथ सुसनेर विकासखंड में भी प्राथमिक स्तर पर 5000 और मिडिल स्कूल के लिए 10,000 एवं हाई स्कूल में भी 10000 की राशि प्रदान की गई थी ।

पहली बार मिली राशि से स्कूलों में खेल सामग्री खरीदी जाना थी । लेकिन सामग्री का मैदान पर बच्चे उपयोग करने से पहले ही शिक्षा विभाग से जुड़े अफसरों के दबाव में भ्रष्टाचार का खेल ही खेल लिया हालत या है कि राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के द्वारा जनवरी 2020 में राशि डाले जाने के बाद कई स्कूलों ने कुछ ही सामग्री खरीदी और वह भी गुणवत्ता वहींन तो कई ने खरीदी ही नहीं और  बील लगाकर सामग्री खरीदना बता दिया।

यही नहीं राशि डाले जाने के बाद अधिकारियों ने कभी यहां जांच करने की कोशिश भी नहीं की है कि स्कूलों ने कितनी और किस तरह की सामग्री खरीदी की गई । 2 दिन पूर्व हुए कुछ स्कूलों से सैंपल आडिट में कितने  स्कूलों ने राशि का उपयोग करना बताया इसकी जानकारी भी अधिकारियों ने लेने की कोशिश नहीं की । कुल मिलाकर खेल सामग्री के इस खेल को जिले से लेकर संकुल सभी अधिकारियों ने खेल लिया और किसी को पता नहीं चला ।

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हालात यह है कि लाक डाउन लग जाने से कई स्कूलों में सामग्री का उपयोग ही नहीं हो पाया और यह उपयोग वहिन हो गई। इस खेल का यहा एक उदाहरण–खेल सामग्री के इस खेल में हुए भ्रष्टाचार का एक उदाहरण  ग्राम देहरिया सुसनेर हाई स्कूल में पहुंची मीडिया के सामने आया 10000 के घटिया किस्म के दो बेट , 6 स्टंप , एक फुटबॉल  6 नग , चार रस्सी कूद की रस्सी सहित कुछ छोटे-छोटे खेल के आइटम जिनकी कीमत 15 सौ से 2000 है जो स्कूल में मिली।

स्कूल के प्राचार्य रामलाल बोडाना  से अन्य सामग्री कि जानकारी ली तो  की  तो  कुछ जवाब नहीं दे सके बोडाना ने बताया10000 में यह सामग्री खरीदी गई है।बिल दिखाने में आनाकानी  फिर जुबान आ गई सच्चाई—देहरीया हाई स्कूल के प्राचार्य रामलाल बोडाना से जब पूछा गया कि याह सामग्री किसने खरीदी तो उनका पहला जवाब आया कि मैं खुद शिक्षक के साथ सामान खरीदने गया था दुकान का नाम पूछने पर थोड़ी देर सोचने के बाद आगर बताया बिल दिखाने पर आनाकानी शुरू कर दी यह पूछा गया कि 10000 में इतनी सामग्री आती है तो कहां सामग्री है!

अन्य शिक्षक के घरे होगी अंत में सच्चाई जुबान पर आई और प्रर्चाय हंसने लग गए।प्राथमिक स्कूल को 5000 मिडिल स्कूल को मिले 10000—खेल सामग्री क्रय करने के लिए विकासखंड के 137 प्राथमिक स्कूलों को 5  – 5 हजार रुपए के मान से68500 जबकि 88 मिडिल स्कूल को 10 – 10 हजार रुपए की राशि के मान से 880000 प्रदान किए।

वही साथ  ही हाई स्कूलों क 70000 प्रदान किए गए थे।स्कूलों में यह सामग्री खरीदी जाना थी–स्कूलों को मिली राशि से जो खेल सामग्री क्रय की जाना थी उसमें क्रिकेट बैट , स्टमप , सॉफ्टबॉल , टेनिस बॉल , प्लास्टिक बॉल, फुटबॉल, बास्केटबॉल ,फुटबॉल गोल पोस्ट , स्टेप है हडल ,डिस्कस , थ्रो बॉल , मर्किन कोन , फास्ट एंड किट, बैडमिंटन रैकेट , सटल रिले स्टिक आदि शामिल है।

इनका कहना खेल सामग्री के लिए राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल की ओर से जनवरी 2020 में राशि जारी की गई थी। किसने क्या सामग्री खरीदी इसकी जानकारी मुझे नहीं है । हमने कभी जांच नहीं की किसने कितनी सामग्री खरीदी है।

बीसी बागरी बीईओ जनपद शिक्षा केंद्र सुसनेर


खेल सामग्री के लिए स्कूलों को सीधे ही राशि आवंटित की गई थी। स्कूल ने क्या खरीदी की इसकी जानकारी नहीं है । 2 दिन पूर्व हुए सैंपल ऑडिट में स्कूलों ने सामग्री खरीदी का बिल लगाया ही होगा कितनों ने सामग्री खरीदी इसकी जानकारी मुझे नहीं है।

 के एल मालवीय बीआरसी जनपद शिक्षा केंद्र सुसने

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