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कब्जा रोकने के लिए ही जानबूझकर विवाद खड़ा किया

विपक्षियों के बीच से ही गोली चलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश

अंबेडकरनगर। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के गनेशपुर गोलीकांड में नया मोड़ आ गया है। राजस्व विभाग ने जो रिपोर्ट प्रस्तुत की है, उसमें गोली लगने से घायल महिला व एक अन्य युवक के नाम से गोविन्द गनेशपुर गांव में कोई भी खतौनी भूमि दर्ज नहीं पाई गई है। इसे देखते हुए भाजपा नेता छोटे पांडेय व उनके परिवारीजनों ने प्रशासन से मांग की है कि झूठा मुकदमा लिखाने में दोषियों पर कार्रवाई की जाए। उधर गुरुवार को ग्रामीणों ने गनेशपुर गांव में बैठक कर आरोपियों की गिरफ्तारी पर जोर दिया।


कहा गया कि आरोपियों के विरुद्ध अविलंब कार्रवाई सुनिश्चित किया जाए, जिससे पीड़ित को न्याय मिल सके।गौरतलब है कि भूमि विवाद को लेकर बीते दिनों गनेशपुर गांव में एक महिला किरन व युवक सोनू गोली लगने से घायल हो गए थे। घटना ने काफी तूल पकड़ लिया था। मामले में भाजपा नेता ज्ञानेंद्र पांडेय उर्फ छोटे समेत कई अन्य पर केस दर्ज किया गया था। इस बीच इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है।

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भाजपा नेता ज्ञानेंद्र पांडेय के पुत्र वागीश ने डीएम व एसपी को पत्र देकर कहा है कि इस मामले में उनके पिता व अन्य पर जो केस दर्ज कराया है, वह फर्जी एवं मनगढ़ंत है।राजस्व निरीक्षक व लेखपाल की जांच में पाया गया कि महिला किरन, उसके पति सुरजन तथा सोनू के नाम गोविन्द गनेशपुर में कोई भूूमि खतौनी दर्ज नहीं है। पत्र में कहा गया कि इस रिपोर्ट से स्पष्ट है कि इन्हीं सब द्वारा पिता ज्ञानेंद्र व अन्य के नाम बैनामा के बाद दर्ज भूमि पर लगातार कब्जा कर रहे और अनावश्यक व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं।

कब्जा रोकने के लिए ही जानबूझकर विवाद खड़ा किया गया और विपक्षियों के बीच से ही गोली चलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई।उधर इसी में आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई न होने से ग्रामीणों ने नाराजगी प्रकट की। गुरुवार को बैठक कर पुलिस प्रशासन पर मामले में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया।


कहा कि घटना को इतने दिन व्यतीत हो जाने के बाद भी आरोपियों के विरुद्ध अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। यदि अविलंब आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं की गई तो वे सब आंदोलन को विवश होंगे। इस मौके पर अधिवक्ता रामनिवास वर्मा, सुरजन कुमार व भूपेंद्र कुमार वर्मा समेत कई अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। बाद में न्याय के लिए संगठन की स्थापना भी की गई।

विकास कुमार निषाद की रिपोर्ट

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