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प्रताड़ित युवक ने एसपी के समक्ष लगाई न्याय की गुहार, पैसों के लिए प्रताड़ित करते हुए कहीं बातों की कॉल रिकार्डिंग भी सौंपी

उज्जैन। 6 हजार रूपये प्रतिमाह में अस्पताल में नौकरी करने वाले युवक की आर्थिक स्थिति खराब हुई तो उसने अपना वाहन बैच कर उसकी किश्तें दूसरे व्यक्ति से अदा करने का सौदा किया।

लेकिन उक्त सौदा विवाद में फस गया और इसका फायदा उठाने का मन बड़नगर की महिला थाना प्रभारी और उपनिरीक्षक ने बनाया और गाड़ी वापस दिलाने के नाम पर 35 हजार की मांग कर डाली। दोनों पुलिस अधिकारी की लगातार प्रताड़ना झेल रहे युवक ने उज्जैन एसपी के सामने न्याय की गुहार लगाई है और दोनों पुलिस अधिकारी के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही करते हुए उन्हें बर्खास्त करने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया 15 हजार रूपये ले लिया, 20 हजार देने के लिए दबाव बनाया।


ओम परमार पिता अशोक परमार निवासी चिरोलाकला तहसील बड़नगर ने अपनी बोलेरो एमपी 13 सीए 1059 को परिचित अंकित राठौर पिता राजेन्द्र राठौर निवासी रतलाम को विक्रय की थी, उक्त विक्रय अंतर्गत अंकित राठौर ने 33 हजार रूपये नगद दिये थे। वाहन एसके फायनेंस कंपनी के द्वारा फायनेंस था और अनुबंध के अनुसार फायनेंस की शेष किश्तें अंकित राठौर को भरना थी।

अंकित राठौर तीन महीने तक वाहन का उपयोग करता रहा, लेकिन फायनेंस की एक भी किश्त जमा नहीं की। जब किश्तें जमा करने या वाहन वापस लौटाने का कहा तो अंकित द्वारा गाली गलौच की गई, जान से मारने की धमकी दी। मामले की शिकायत थाना प्रभारी बड़नगर अर्चना नागर को की गई।

कार्यवाही के दौरान अर्चना नागर एवं उपनिरीक्षक जीवन डिंडोरे द्वारा वाहन अंकित राठौर से थाने पर बुलवा लिया गया और मैं गाड़ी लेने तथा अपने द्वारा की गई शिकायत पर कार्यवाही करवाने हेतु थाने पर उपस्थित हुआ तो दोनों पुलिस अधिकारियों ने मुझे अपने केबिन में बुलाकर वाहन वापस देने के एवज में 35 हजार रूपये की मांग की। राशि नहीं दी तो गाड़ी देने से इंकार कर दिया।

तीन दिनों तक गाड़ी को थाने में ही रखा। इसके बाद अर्चना नागर ने अपने निवास पर बुलवाया और वहां भी मुझसे पैसों की मांग की और उसी समय 15 हजार रूपये दबाव बनाकर ले लिये तथा शेष राशि देने पर गाड़ी सुपुर्द करने का आश्वासन दिया। राशि उपलब्ध नहीं होने तथा बाद में देने का कहा तो जीवन डिंडोरे तथा अर्चना नागर द्वारा फोन पर धमकाया गया।

इसके बाद थाना प्रभारी द्वारा गाड़ी को थाने से एवन ऑटो डील पर खड़ी करवा दी गई। इसके बाद अंकित राठौर से समझौता कर 33 हजार रूपये में से आधी रकम वापस करने की बात करते हुए ओम ने सौदा निरस्त कर दिया और उसे 16 हजार 500 रूपये अदा कर अपना वाहन उससे वापस प्राप्त कर लिया। लेकिन इसके बावजूद थाना प्रभारी तथा उपनिरीक्षक द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।

पीड़ित ओम ने एसपी को शिकायत करते हुए अधिकारियों के बीच हुई चर्चा की कॉल रिकॉर्डिंग भी सौंपी जिसमें थाना प्रभारी और जीवन डिंडोरे द्वारा पैसे मांगने तथा धमकाने से संबंधित समस्त बातें रिकॉर्ड हैं। फरियादी ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 15 हजार रूपये भी वापस दिलाने की मांग की है।

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