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सुसनेर से युनूस खान लाला की रिपोर्ट चिरंतन न्यूज के लिए 

 

जामुनिया सोसायटी के संस्था प्रबंधक एवं मालनवासा सोसायटी के सहायक प्रबंधक पर लगाया झूठा आरोप- जिला सहकारी बैंक, सुसनेर

मंगलवार को कलेक्टर कैलाश वानखेड़े के समक्ष उपस्थित होकर भवानीशंकर पिता भगवतीप्रसाद शर्मा निवासी ग्राम ननोरा ने प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था जामुनिया के प्रबंधक कैलाश जैन खजांची एवं मालनवासा सोसायटी के सहायक प्रबंधक जावेद खान पर सवा करोड़ रुपये उसके उधार लेने एवं खुद को संस्था का सहायक मुंशी बताकर शिकायती आवेदन दिया था। जिस पर जिला सहकारी बैंक शाखा सुसनेर से जानकारी प्राप्त की गई तो पूरा मामला झूठा, मनगढ़ंत एवं ब्लैकमेलिंग का सामने आया। सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक राणा शक्तिसिंह के द्वारा थाने में भेजे गए आवेदन के अनुसार पूरे मामले की बैंक के पर्यवेक्षक एवं मालनवासा सोसायटी के वर्तमान एवं पूर्व प्रबंधक ने पूरा मामला झूठा एवं मनगढ़ंत होकर द्वेष्टापूर्वक बताया गया है। जिसकी जानकारी बैंक द्वारा कलेक्टर एवं पुलिस थाने में भी उक्त शिकायत को लेकर इस सम्बंध में शाखा प्रबंधक, पर्यवेक्षक एवं सोसायटी के वर्तमान एवं पूर्व प्रबन्ध के हस्ताक्षर से आवेदन भेजा गया। जिसमे जिला सहकारी बैंक द्वारा थाने में भेजे गए आवेदन के अनुसार बैंक के पर्यवेक्षक देवेंद्र जोशी, वर्तमान मालनवासा सोसायटी प्रबंधक सुजानसिंह, पूर्व सोसायटी प्रबंधक कालूसिंह सिसोदिया ने जांच की तो पाया कि ना तो उक्त सोसायटी में भवानीशंकर नाम का कोई कर्मचारी कभी कार्यरत रहा और ना ही इतनी बड़ी रकम की नगद लेन देन कोई कर सकता है। ओर जिन पर उक्त व्यक्ति द्वारा पैसे लेने का आरोप कैलाश खँजांची पर लगाया वो जामुनिया सोसायटी के प्रबंधक है एवं उनका मालनवासा सोसायटी से कोई लेना देना ही नही है। और ना ही जावेद खान इतनी बड़ी राशि की लेन देन कर सकता है। इन दोनों पर जो आरोप लगाया वो झूठा एवं मनगढ़ंत एवं किसी द्वेष्टापूर्वक लगाया गया। वही कैलाश खँजांची से इस सम्बंध में जानकारी ली तो उनका कहना है कि मुझे ब्लैकमेल करने के लिए उक्त व्यक्ति द्वारा झूठा आरोप लगाया गया है वो व्यक्ति मुझसे रुपयों की मांग करता था मेने मना किया तो धमकी देता था कि झूठे आरोप ओर शिकायत में फंसवा दूंगा। में जामुनिया सोसायटी के प्रबंधक हु ओर अन्य सोसायटी में कोई लेन देन नही कर सकता। उस व्यक्ति की आर्थिक स्थिति की जांच की जाए तो सवा करोड़ क्या सवा लाख भी देने की हैसियत नही रखता है। मुझे ब्लैकमेल करने और मेरी झूठे आरोप के माध्यम से मान हानि करने पर उस व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा रही है। वही भवानीशंकर का कहना है कि मैने 25 लाख एवं 50, 50 लाख ऐसे तीन किश्तों में सवा करोड़ रुपये दिए। अब नोटबन्दी के बाद इतनी बड़ी राशि नगद दिया जाना पहली ही नजर में शंकास्पद लगती है वही कलेक्टर कैलाश वानखेड़े ने पूरे मामले की जांच करने की बात कही।

“आवेदन की जांच करवाई जाएगी अगर जांच में सही शिकायत पाई गई तो कार्यवाही की जाएगी।”- कैलाश वानखेड़े, कलेक्टर आगर

“उक्त व्यक्ति द्वारा मुझे ब्लैकमेल करने के लिए झूठी शिकायत कलेक्टर ओर थाने में की गई। आज कोई सवा हज़ार की लेन देन करता है तो उसकी लिखापढ़ी ओर गवाह के सामने करता है और कोई सवा करोड़ की राशि बिना किसी लिखापढ़ी गवाह सबूत के दे सकता है क्या? उस व्यक्ति के खिलाफ बैंक तो कार्यवाही कर ही रही है मेरे द्वारा भी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।”- कैलाश खजांची, प्रबंधक, जामुनिया सोसायटी।

 

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