Domain Registration ID: DD9A736AA76EB45DBBFAF21E3264CDF2D-IN Editor - Neelam Dass, Add. - 105 Jawahar Marg, Ujjain M.P., India - Mob. N. - +91- 8770030644

गया। जी बी रोड स्थित पालित निवास पर साहित्य महापरिषद के बैनर तले हिन्दी पखवाड़ा के तहत हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डाॅ रामसिंहासन सिंह ने की।इस अवसर पर कुमार कान्त ने हिन्दी को हिन्दुस्तान की संपर्क भाषा बताते हुए कहा कि यह न सिर्फ सहज, सरल है , बल्कि यह वैज्ञानिकता के करीब भी है । उन्होंने पाणिनी के व्याकरण से कई उद्धरण पेश करते हुए इसे प्रमाणित करने की कोशिश की। साहित्यकार रेणुका पालित ने कहा कि हिन्दी भारत ,भारतीयता और हमारी संस्कृति की पहचान है । आज के बाजारीकरण ने इसका विकास किया है, लेकिन इसे तकनीकी शिक्षा से भी जोड़ने की जरूरत है,तभी आज के युवाओं का हिन्दी से स्वाभाविक जुड़ाव हो पाएगा । मिर्जा ग़ालिब काॅलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. अरूण कुमार प्रसाद ने कहा सही अर्थों में हिन्दी को जन-जन की भाषा बनाने के लिए इसे सरकारी कार्यालय एवं अदालतों की भाषा बनानी होगी।राजीव रंजन ने कहा कि हिन्दी भारत की आत्मा से जुड़ी भाषा है क्यों कि हमारी संस्कृति ही समावेशी रही है और हिन्दी भी समावेशी भाषा है। यह दूसरी भाषाओं के शब्दों को अपने में समाहित कर दूषित नहीं होती है,बल्कि और निखरता है। हिन्दी को यदि भाषाओं की गंगा कहें, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी । डाॅ रामसिंहासन सिंह ने कहा की आज हिन्दी तो आमजन की भाषा बन गयी है और विस्तृत हो रही है ,लेकिन हिन्दी साहित्य आमजन से कटता जा रहा है,यह अवश्य चिंता का विषय है।गया काॅलेज के उप प्राचार्य  डाॅ ब्रजभूषण प्रसाद सिंह , वंदना वीथिका एवं सुनैना रानी ने भी अपने विचार रखे । दूसरे सत्र में  एम ए फातमी, आसिफ अली, गजेन्द्र लाल अधीर, डाॅ सुल्तान अहमद, खालिक हुसैन परदेशी, सुरेन्द्र पाण्डेय सौरभ, नौशाद नादां , रविन्द्र सिन्हा, बलिराम कुमार ,कुमार कान्त, नौशाद नादां , रविन्द्र सिन्हा, बलिराम कुमार सहित करीब डेढ़ दर्जन कवियों एवं शायरों ने अपनी रचनाओं से खूब समां बाँधा । इस अवसर पर वरीय अधिवक्ता एवं समाजसेवी शिववचन सिंह,  अशोक शर्मा, संजय कुमार,  मो. शहबाज खान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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