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हिंदू महासभा और गोरक्षा न्यास संपूर्ण मध्यप्रदेश में जलाएगा प्रदेश के गृह मंत्री और मुख्यमंत्री मंत्री के पुतले

उज्जैन। 27 सितंबर रविवार को अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष और मध्य प्रदेश युवा शिवसेना गोरक्षा न्यास के संस्थापक मनीषसिंह चौहान के निवास पर हमला अवैध खनन माफिया द्वारा करवाया गया था।

अवैध खनन माफिया और जिला खनिज अधिकारी द्वारा लगातार चौहान पर हाईकोर्ट से याचिका वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था। लगातार संदेश भेजे जा रहे थे कि केस वापस ले लो अन्यथा जान से हाथ धोना पड़ेगा।


हिंदू महासभा और गोरक्षा न्यास के प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक सोमवार शाम 4 बजे हुई। बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि गंभीर और शिप्रा नदी से अवैध रूप से रेत खनन का कारोबार करने वाले लोगों के इशारे पर हत्या की नियत से चौहान के निवास पर हमला किया गया था जिसमें उनकी इंडिका कार में भी तोड़फोड़ की गई थी।

चौहान द्वारा अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ लगातार ज्ञापन दिए गए जिसमें कई बार माफियाओं को भारी नुकसान भी हुआ है, इसी कारण वह चौहान की हत्या पर उतारू हैं। लगातार धमकी की पुलिस को सूचना देने के बाद भी पुलिस थाना महाकाल अभी तक इस अपराध में गंभीरता नहीं दिखा रही है शायद वह चाहते हैं कि मनीष सिंह चौहान की हत्या हो जाए इसके बाद हत्यारे को गिरफ्तार कर लेगी।

यही कारण है कि आज तक कोई भी हमलावर गिरफ्तार नहीं हुआ है। पुलिस के गैर जिम्मेदाराना रवैये के खिलाफ बैठक में निर्णय लिया गया कि 7 अक्टूबर बुधवार को एक साथ संपूर्ण मध्यप्रदेश में प्रदेश के गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के पुतले दहन किये जाएंगे।


दो साल से छेड़ रखी है माफियाओं के खिलाफ मुहिम


प्रदेश मीडिया प्रभारी पवन बारोलिया ने बताया कि मनीषसिंह चौहान द्वारा मध्यप्रदेश के डीजीपी और उज्जैन आईजी, जिला पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर अवैध खनन माफिया से अपनी जान का खतरा बताया था कि उनके द्वारा लगातार 2 वर्षों से इन माफियाओं के खिलाफ बड़ी मुहिम छेड़ रखी है।

इंदौर हाई कोर्ट में भी याचिका लगा चुके हैं जिसमें प्रदेश के खनन विभाग के मुख्य सचिव, उज्जैन जिला कलेक्टर और जिला खनिज प्रभारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। जिसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जा चुकी थी।

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