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हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न

 

बैठक को संबोधित करते मंत्री।


शाजापुर। स्मार्ट क्लास को एक माह के अंदर पूर्ण कर संचालन आरंभ करें। यह बात प्रदेश के स्कूल शिक्षा स्वतंत्र प्रभार तथा सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री इन्दरसिंह परमार ने गतदिनों शुजालपुर विधानसभा अंतर्गत आने वाले 35 हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों के प्राचार्यों की शासकीय शारदा उमावि शुजालपुर में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कही। इस दौरान कलेक्टर दिनेश जैन, अनुविभागीय अधिकारी प्रकाश कसबे आदि मौजूद थे। मंत्री परमार ने संबोधित करते हुए कहा कि विशेष रूप से नवीन शिक्षा नीति एवं कोरोना संक्रमण के चलते अध्ययन अध्यापन की स्थिति के दृष्टिगत. कार्यशील स्मार्ट क्लास को अधिकतम एक माह की अवधि में आवश्यक रूप से पूर्ण कर लिया जाए, ताकि शाला संचालन आरंभ होने की स्थिति में स्मार्ट क्लास के प्रयोग से छात्र-छात्राओं के अध्ययन, अध्यापन को बिना अंतराल सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होने सभी प्राचार्यों को उनके द्वारा बताई गई भौतिक संसाधनों की कमी को पूर्ण करने हेतु विद्यालय में उपलब्ध निधियों का समुचित उपयोग एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से करने के लिए निर्देशित किया। परमार ने कहा कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में काफी समय कोरोना संक्रमण के चलते व्यतीत हो गया है, अत: अब सभी शाला प्रधानों को उपलब्ध संसाधनों के अधिकतम प्रयोग तथा नवाचार करते हुए शेष समय में विद्यार्थियों के अध्ययन अध्यापन को सत्रांत तक पूर्ण करने हेतु अभी से कार्य योजना बनाकर उसका तत्काल क्रियान्वयन आरंभ करें।


कार्यक्रम में मौजूद प्राचार्य।

उन्होने कहा कि जिन शालाओं में फर्नीचर की कमी है उसकी भी शीघ्र पूर्ति की जाएगी। इसी प्रकार शुजालपुर विधानसभा अंतर्गत शालाओं को विधायक निधि से पुस्तकालय हेतु पुस्तकें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। मंत्री ने प्राचार्यों से आह्वान किया कि वे इस समय को एक चुनौती के रूप में लेकर उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने का लक्ष्य रखें। परमार द्वारा यह भी रेखांकित किया गया कि अच्छे अंकों से हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे प्रदर्शन हेतु प्रेरित करने की आवश्यकता है।

माध्यमिक शाला में उच्च योग्यताधारी शिक्षकों का उपयोग हाई स्कूल,  हायर सेकेंडरी विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की पूर्ति करने में किया जाए। इसी प्रकार शालाओं में भवन की समस्या एवं अतिरिक्त कक्षों की उपलब्धता हेतु एडीपीसी आरएमएस को निर्देशित किया गया। जिन शालाओं में अतिक्रमण की समस्या है, उनका सीमांकन एवं नामांतरण शाला के पक्ष में करा कर अतिक्रमण को शीघ्र हटाए जाने संबंधी निर्देश भी दिए।

समीक्षा बैठक के पूर्व में प्रत्येक प्राचार्य से शाला के नामांकन, शाला में भवन की स्थिति, कंप्यूटर, इंटरनेट एवं स्मार्ट क्लास की उपलब्धता, फर्नीचर, साईंस लेब और पुस्तकालय के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर प्राचार्यों ने बताया कि शाला में शिक्षकों की कमी एवं इंटरनेट की समस्या है। वहीं कुछ प्राचार्यों द्वारा उनकी शाला में दर्ज विद्यार्थियों हेतु फर्नीचर की उपलब्धता में कमी एवं पुस्तकालय संचालन की कमी से अवगत कराया गया।

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