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लम्बित मांगें पूरी नहीं होने के कारण प्रदेश के 75 हजार वरिष्ठ अध्यापकों में भारी आक्रोश

मांगें पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा धरना

राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ रेस्टा के बैनर तले विभिन्न माँगो को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर के सामने अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना लगातार जारी होने के साथ वरिष्ठ अध्यापकों में विभिन्न मांगों को लेकर भारी आक्रोश भी हैं। राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ रेस्टा के प्रदेशाध्यक्ष भेरूराम चौधरी ने बताया कि पिछले काफी समय से लम्बित चल रही मांगों को लेकर संगठन द्वारा अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना दिया जा रहा है।

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प्रदेश सभाध्यक्ष टोडाराम गोलिया ने बताया कि संगठन द्वारा वरिष्ठ अध्यापकों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर समय समय पर सरकार व विभाग को अवगत करवाया गया। लेकिन उस पर ध्यान नहीं देते हुए कोई समाधान नहीं किया गया। जिसके कारण प्रदेश भर के 75 हजार वरिष्ठ अध्यापकों में सरकार के प्रति भारी आक्रोश है। प्रदेश भर के वरिष्ठ अध्यापक तय कार्यक्रमानुसार अलग अलग जिलेवार धरने में शामिल हो रहें हैं। जब तक मांगें पूरी नहीं होगी तब तक अनिश्चित काल तक क्रमिक धरना जारी रहेगा।

प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज नालिया ने बताया कि कहा कि अभी हाल ही में शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी नयी डीपीसी सूची में लगभग दस हजार वरिष्ठ अध्यापकों को पुरानी वरिष्ठता सूची में पात्र होने के बावजूद भी बिना किसी कारण के अपात्र घोषित कर सूची से हटा दिया गया जबकि उनसे पिछले 4-5 वर्षों से विभाग द्वारा एसीआर मंगवाईं जा रही है, अब अचानक ही नए शिक्षा नियमों को पूर्व से मानते हुए लगभग 10 हजार की भारी सँख्याबल में वरिष्ठ अध्यापकों को सूची से हटा दिया गया है, जो कि सरकार गलत व प्रमोशन का इंतज़ार कर रहें शिक्षकों के साथ अन्याय है। नये सेवा नियमों में संशोधन होने से पूर्व असमान विषयों में डिग्री प्राप्त कर चुके व स्नातक में एडिशनल विषय मे डिग्री प्राप्त कर चुके वरिष्ठ शिक्षकों को पात्र मानते हुए विभागीय डीपीसी की माँग जोर पर है।

रेस्टा के प्रदेश महामंत्री मदन गढ़वाल ने कहा कि राज्य शैक्षिक एवं अधीनस्थ संशोधित नये सेवा नियमों की पदोन्नति की विसंगतियों दूर करने, माध्यमिक शिक्षा में 2015 को लागू स्टाफिंग पैटर्न की प्रति दो वर्ष बाद समीक्षा करते हुए नामांकन अनुसार पदों का निर्धारण करने का प्रावधान होने के बावजूद भी 7 वर्षों में एक बार भी स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा नहीं की गई है, जबकि विद्यालयों में 12 लाख नामांकन की वृद्धि हुई है।

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प्रदेश प्रवक्ता हरिराम जाखड़ ने बताया कि स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा करने, प्रदेश के सभी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अनिवार्य विषयों हिंदी अंग्रेजी के व्याख्याता पद सृजन करने, एक भर्ती से चयनित वरिष्ठ अध्यापकों को अलग अलग समय मे नियुक्ति मिलने पर समान भर्ती का नोशनल व वरिष्ठता का लाभ देने, वरिष्ठ अध्यापकों के अंतर मण्डल स्थानांतरण पर वरिष्ठता विलोपन नहीं करने, राज्य शैक्षिक एवं अधीनस्थ संशोधित नये सेवा नियमों की विसंगतियों दूर करने, वॉइस प्रिंसिपल पदों पर 50 फीसदी सीधी भर्ती करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर निदेशालय पर लगातार धरना दिया जा रहा है।

दूसरे दिन धरना स्थल पर

प्रदेशाध्यक्ष भेरूराम चौधरी, प्रदेश महामंत्री मदन गढ़वाल, प्रदेश सभाध्यक्ष टोडा राम गोलिया, प्रदेश मुख्य संरक्षक सुरेंद्र सहारण, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज नालिया, प्रदेश प्रवक्ता महेश सेवदा, हरी राम जाखड़, जगदीश मील, रामावतार भदाला, मुकेश जांगिड़, विजेन्द्र नेहरा, नेमीचंद निठारवाल, बीकानेर जिला अध्यक्ष ललित चौधरी, सीकर जिलाध्यक्ष प्यारेलाल ढाका, प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष मोहनलाल खराड़ी, गंगानगर जिलाध्यक्ष सुरेश विश्नोई, राजेन्द्र शर्मा, अमनदीप सिंह बराड़, तेजसिंह राव, हीरालाल डामोर, रवि कुमार, रामदयाल विश्नोई, शंकरलाल गोदारा, सुमन जांगिड़, सुचित्रा चौधरी, शिवलाल मेघवाल सहित सैकड़ों वरिष्ठ अध्यापक उपस्थित रहे |

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