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नागदा जं. निप्र। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्य मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री अब्दुल हमीद ने मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 के तहत वार्डो का विस्तार नियम 1994 के नियम 8 अनुसार वार्ड सीमा निर्धारण प्रकाशन पर आपत्ति एवं सुझाव अनुविभागीय अधिकारी नागदा को प्रस्तुत किए है।


2011 की जनगणना के आधार पर हुआ परिसीमन, अब जनसंख्या 1 लाख 25 हजार
श्री हमीद द्वारा प्रेषित पत्र में प्रारंभिक आपत्ति के रूप में यह कहा गया है कि नागदा शहर की जनसंख्या सन् 2011 अनुसार 100039 थी, जिसे आधार बनाकर उक्त वार्ड विभाजन किया जा रहा है, किन्तु वास्तविकता में धरातल पर नागदा की जनसंख्या वर्तमान समय मं लगभग 1 लाख 25 हजार के आस-पास हो चुकी है, ऐसे में इस आधार पर तैयार किया गया वार्ड विभाजन एवं बाद में तैयार होने वाली निर्वाचन नामावलियों में मतदाताओं की संख्या में भारी अंतर होगा, जो नियमानुसार न्यायसंगत नहीं है।


श्री हमीद ने पत्र में इस बात का उल्लेख भी किया है कि पूर्व में वार्डो में मतदाताओं की संख्या में देखते हुए 2019 के वार्ड विभाजन में 38 वार्डो में किया गया था। नगर पालिका अधिनियम 1961 धारा 29(1) अनुसार कम से कम 15 एवं अधिकतम 40 वार्ड विभाजित किये जा सकते हैं, जो जनसंख्या संतुलन के मान से 2019 के वार्ड विभाजन संख्या को उचित दर्शाते हैं, तो अब संख्या में केवल 36 वार्ड क्यों ? 38 वार्ड होने से मतदाताओं की संख्या का समायोजन तो होगा ही साथ ही जनप्रतिनिधित्व के अवसर भी बढेंगे।

ऐस में इसका विधि संमत तर्क क्या है ?

श्री हमीद का कहना है कि वर्तमान प्रकाशन में वार्ड 30 में जनसंख्या 2346 है जो नियम 3(2) के विपरित होकर अवैध है क्योंकि अंतर पन्द्रह प्रतिशत से कम है। उन्होंने कहा कि 2014 में वार्ड 1 व 5 में भोगौलिक एवं तकनिकी व नियमों के विपरित वार्ड विभाजन राजनैतिक दबावश किया गया था। उसी वार्ड विभ्ज्ञाजन में आपत्ति की गई थी जिसका निराकरण ना करते हुए तत्कालीन एसडीएम ने मनमानी की थी, जिसे उच्च न्यायालय द्वारा गलत करार देकर वार्ड विभाजन की कार्यवाही को शून्य घोषित किया था। वर्तमान प्रारंभिक प्रकाशन में उसी त्रुटि को दोहराकर वार्डो की सीमा लांघकर वार्ड 1 जुना नागदा को वार्ड 5 में जोडा गया है, जो अनुचित है।


नेताओं के कहने पर पूर्व में हुआ परिसीमन, गलत तरीके से तोडे वार्ड
उन्होंने कहा कि वार्ड 5 का एक हिस्सा वार्ड 2 में से जोडा गया है, चंबल मार्ग की बीएसएनएल टाॅवर वाली पुरी पट्टी ईदगाह तक जो वार्ड 2 व 3 का हिस्सा थी उसे उठाकर वार्ड 1 जुना नागदा के साथ जोड दिया गया है। टावर से जुना नागदा तक लगभग 1 किलोमीटर दुरी है। यह विभाजन मनमाना, राजनीतिकरण आधारित होने व भोगौलिक दृष्टि से त्रुटिपूर्ण है।

श्री हमीद ने कहा कि वार्ड व 5 दोनों की जनसंख्या 3-3 हजार से अधिक है, ऐसे में उनकी संख्या कम कर वार्डो की सीमा से लगे अन्य वार्डो की पट्टी को जोडाजाकर वार्ड विभाजन भोगौलिक एवं विभाजन नियमों के अनुरूप किया जा सकता है। वार्ड 7 एवं 8 मुस्लिम बाहुल्य वार्ड है इन्हें इस प्रकार विभाजित किया गया है कि ये वार्ड अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए बार-बार गलत तरीके से आरक्षित किये जा रहे हैं क्योंकि शहर के अन्य 6 वार्डो में अनुसूचित जाति जनसंख्या का प्रतिशत वार्ड 7 व 8 से अधिक है फिर ये वार्ड हर बार आरक्षित क्यों ?

उन्होंने कहा कि वार्ड 8 में अजा जनसंख्या 185 है जबकि वार्ड 27 में 245 है फिर भी नियमों को ताक में रखकर मनमाने कानून से वार्ड 27 की जगह वार्ड 8 को अजा जनजाति आरक्षित वार्ड घोषित कर भारी त्रुटि की जा रही है तथा अल्पसंख्यक एवं सामान्य वर्ग के जनप्रतिधित्व के साथ खिलवाड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वाड 1 से 36 तक चक्रानुक्रम आरक्षण का पालन मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 29-क-1(2) के अनुसार नहीं किया गया है जो सरासर त्रुटिपूर्ण है।


राज्य शासन करे दावे-आपत्तियों का निराकरण


श्री हमीद ने कहा कि वार्डो की प्रस्तावित सीमाओं के संबंध में नाम निर्दिष्टि अधिकारी द्वारा प्रकाशित उक्त सूचना की तिथी के साथ दिन के भीतर कोई भी नागरिक अपनी आपत्ति या सुझाव उस अधिकारी को प्रस्तुत कर सकेगा जिन्हें वह अधिकारी जिले के कलेक्टर को प्रेषित करेगा। कलेक्टर अपने मत सहित उन आपत्तियों एवं सुझावों को राज्य शासन को अग्रेषित करेगा और राज्य शासन द्वारा कलेक्टर क ेमत पर विचार करते हुए प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर निर्णय लिया जाकर वार्डो की सीमाओं, अवधारणा संबंधी अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित की जायेगी।

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