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इमरान राजा दैनिक चिरंतन शाजापुर ।

शाजापुर। केंद्र सरकार जो नया अध्यादेश लाई है उसे किसानों का हितैषी बताया जा रहा है, लेकिन इस बिल की वास्तविकता यह है कि हर बार की तरह इस बार भी केंद्र सरकार किसानों के कंधे पर चढक़र पूंजीपतियों और बड़ी कंपनियों को लाभ पहुंचाना चाह रही है और इसके लिए केंद्र सरकार ने किसानों को मोहरा बनाया है। जिनके हाथ में न जमीन रहेगी न उपज, परंतु कांग्रेस ने किसानों का अंत तक साथ निभाने का संकल्प लिया है उसे पूरा करेंगे। चाहे इसके लिए कोई भी आंदोलन करना पड़े। यह बात जिला कांग्रेस अध्यक्ष बंटी बना ने गुरुवार को लालघाटी स्थित अपने निवास पर आयोजित पत्रकारवार्ता में कही। उन्होने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जो तीन अध्यादेश पारित किए गए हैं उससे किसानों को अपनी संपत्ति और अपने निर्वहन का साधन खुद की जमीन से भी हाथ धोना पड़ेगा। मोदी सरकार ने एक तो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में संशोधन किया है जिसके जरिये खाद्य पदार्थ की जमाखोरी पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया है, जिसका सीधा मतलब है कि अब व्यापारी असीमित मात्रा में अनाज, दालें, तिलहन, खाद्य,  तेल और आलू का इक_ा भंडारण कर सकते हैं। यदि बड़े व्यापारी असीमित भंडारण करेंगे और किसानों की फसल के आने पर उसे बाजार में उतार देेंगे तो किसानों की उपज की कीमत जमीन पर आ जाएगी और किसानों को मजबूरी में औने-पौने दाम पर अपनी उपज बेचने पर मजबूर होना पड़ेगा। दूसरे अध्यादेश में मोदी सरकार का कहना है कि किसान अपनी फसल को किसी भी राज्य की मंडी में बेच सकता है। यदि ऐसा होता है तो धीरे-धीरे एमपीएमसी मंडियां खत्म हो जाएंगी और तब ट्रेडर्स अपने मन मुताबिक दाम पर किसानों से खरीदारी करेंगे। जबकि यह सरकार सरासर झूठ बोल रही है। पहले भी किसानों को अपनी उपज बाहर बेचने पर कोई प्रतिबंध नहीं था। इस अध्यादेश के नाम पर किसानों को ठगा जा रहा है। तीसरा अध्यादेश में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा कांट्रेक्ट फार्मिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसा होता है तो किसानों के पास उनकी जमीन भी नहीं रहेगी और विवाद की स्थिति में उसे बिचोलिया भी बना दिया गया है। याने किसानों से उनकी जमीन भी छीन ली जाएगी और रोजगार से भी दूर कर दिया जाएगा। वहीं यदि किसान का विवाद भी कंपनी से होता है तो छोटे किसानों की पूरी पूंजी इस विवाद को सुलझाने में चली जाएगी। आज किसान खुद की जमीन पर मेहनत कर फसल बेचता है और उसका जो भी दाम मिलता है वह उसके पास होता है, जिसे देखकर वह खुश भी हो जाता है और संतोष भी पा लेता है, किंतु केंद्र की मोदी सरकार किसानों से उनकी जमीन तक छीनना चाहती है। बना ने कहा कि मजदूर हो या किसान उन्हें बरगलाकर यदि उनका हक छीना गया तो यह कांग्रेस पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी। इस बिल को लेकर हम संसद से सडक़ तक में विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होने कहा कि इस कोरोना काल में किसान पहले ही परेशान हैं और मौसम की मार उन पर पड़ी है। ऐसे में किसानों के साथ छलावा करना कहां का न्याय है। इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सदस्य नरेश कप्तान, महेंद्रसिंह सेंगर, आशुतोष शर्मा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इरशाद खान, भेरुलाल सौराष्ट्रीय, मांगीलाल नायक, मो. साजिद भाई आदि उपस्थित थे। यह जानकारी जिला प्रवक्ता गोविंद शर्मा ने दी।  

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