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उज्जैन : न्यायालय श्रीमती पुनीता चौहान, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा अभियुक्तगण 01. सेवाराम पिता लक्ष्मीनारायण गेहलोद निवासी- 02. नाथूलाल पिता लक्ष्मीनारायण गेहलोद निवासीगण- बुधवारिया, अंकपात मार्ग जिला उज्जैन के जमानत आवेदन निरस्त किया गया।


अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी श्री मुकेश कुमार कुन्हारे ने अभियोजन घटना अनुसार बताया कि दिनांक 13.03.2016 को पुलिस थाना खाराकुंआ पर पदस्थ उप. निरीक्षक गजेन्द्र धाकड के अनुसार सर्कल भ्रमण के दौरान बीट आरक्षक मुकेश झाला ने सूचना दी की उसे मुखबीर द्वारा सूचना मिली है कि बुधवारिया मस्जिद के पीछे एक सूने मकान में चार लोग रूपये-पैसों से दाव लगा कर ताश पत्ती से तीनपत्ती नामक जुआ खेल रहे है। मुखबीर द्वारा बताऐ स्थान पर भेजने हेतु एचसीएम को पाबंद कर सर्कल की बीट पार्टियों को तलब कर रवाना होकर मुखबीर द्वारा बताये स्थान पर पहंुचे, जहां एक सूने मकान में चार व्यक्ति रूपये पैसे दाब लगाकर तीन पत्ती नामक जुआ खेल रहे थे।

जिन्हें घेराबंदी कर पकडकर अभिरक्षा में लिया तथा मौके पर 300/- रूपये नगदी व 40 ताश के पत्ते पडे हुऐ थे। सभी व्यक्तियों के नाम व पता पूछने पर उन्होने अपना नाम राजेश गेहलोद, अकरम, अनिल एवं एक अन्य ने नाम नहीं बताया। उपरोक्त सभी का कृत्य धारा 13 जुआ एक्ट दण्डित पाये जाने पर पडे नगदी एवं ताश पत्ते की जप्ती की कार्यवाही प्रारंभ किया कि इतने में ही सेवाराम गेहलोद एवं नाथू नाम के व्यक्ति उत्तेजित होकर आये और फोर्स के साथ दुर्व्यवहार करते हुए हुज्जत करने लगे और सभी चारों जुआरियों को बलपूर्वक पुलिस अभिरक्षा से छुडाकर ले भाग गये। सेवाराम गेहलोत व नाथू तथा तीन-चार अन्य व्यक्तियों द्वारा शासकीय कार्य में बाधा डाली गई जिससे पकडे गये जुआरियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। मौके से विधिवत रूप से नगदी एवं ताश पत्तों जप्ती की गई। अभियुक्तगण की तलाशी की गई नहीं मिलने पर थाना वापस आकर अभियुक्तगण के विरूद्ध धारा 353, 186, 225, 34 भादवि में अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान अभियुक्तगण को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया।


अभियुक्तगण द्वारा माननीय न्यायालय में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया था, अभियोजन अधिकारी द्वारा जमानत आवेदन का विरोध किया गया कि अभियुक्तगण द्वारा पुलिस फोर्स से दुर्व्यवहार करने व  शासकीय कार्य में बाधा एवं फोर्स पर हमलाकर बल प्रयोग करते हुए अन्य अभियुक्तगण को भगाकर ले जाने का गंभीर प्रकृति का अपराध किया है। न्यायालय ने अभियोजन के तर्को से सहमत होकर अभियुक्त का जमानत आवेदन निरस्त किया गया।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री महेश चन्द्रावत, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी,  जिला उज्जैन द्वारा पैरवी की गई।

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