Domain Registration ID: DD9A736AA76EB45DBBFAF21E3264CDF2D-IN Editor - Neelam Dass, Add. - 105 Jawahar Marg, Ujjain M.P., India - Mob. N. - +91- 8770030644


  धार 17 सितम्बर 2020/ प्रदेश में गरीब कल्याण सप्ताह का आयोजन 16 से 23 सितम्बर तक किया जा रहा है। सप्ताह के अंतर्गत प्रतिदिन अलग-अलग विभागों से संबंधित गरीबों के कल्याण से संबंधित कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इसी कड़ी में आज जिले की बदनावर तहसील के ग्राम माकनी में आयोजित पोषण महोत्सव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव थे। समारोह का शुभारंभ माॅ सरस्वती के छायचित्र पर दीप प्रज्जवलित एवं माल्यार्पण कर किया। मंत्री जी ने कार्यक्रम में कन्या पूजन भी किया। तत्पश्चात उन्होंने एकीकृत पोषण रणनीति पर बदनावर की खण्ड स्तरीय योजना का विमोचन भी किया। इसके पश्चात उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना के हितग्राहियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए।


        मंत्री श्री दत्तीगांव ने उपस्थित सभी को सुपोषित ग्राम पंचायत हेतु पोषण संकल्प दिलाया। सभी ने संकल्प किया कि जिला धार के विकासखण्ड बदनावर के ग्राम पंचायत माकनी में आज आयोजित ग्राम पंचायत की बैठक में महिला एवं बाल विकास द्वारा प्रस्तुत समेकित स्वास्थ्य-पोषण ग्राम योजना के सभी बिन्दुओं पर अनुमोदन दिया गया। हम सभी ग्रामवासी संकल्प लेते है कि हम समेकित स्वास्थ्य-पोषण ग्राम योजना का प्रभावी क्रियान्वयन करेंगे, और मन, वचन, कर्म से यह प्रयास करेगें की हमारा गाँव एनीमिया एवं कुपोषण मुक्त हो। इसके बाद मंत्री श्री दत्तीगांव ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के संदेश का वाचन किया संदेश में कहा गया कि पोषण अभियान, कुपोषण कम करने हेतु भारत सरकार का एक महत्वाकांक्षी अभियान है। प्रदेश के समग्र विकास हेतु आवश्यक संसाधनों में मानव संसाधन का महत्वपूर्ण स्थान है। मानव संसाधन अर्थात जन समुदाय के विकास सूचकांकों में स्वास्थ्य एवं पोषण प्राथमिक एवं अति महत्वपूर्ण भाग है। बच्चे जो समाज की नींव हैं, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर हेतु किये गये प्रयासों का प्रतिफल स्वास्थ्य समाज के रूप में परिलक्षित होगा। सरकार द्वारा बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण हेतु निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त जिलों में पोषण अभियान अन्तर्गत विभिन्न विभागों से अभिसरण एवं समन्वय से एकीकृत पोषण प्रबंधन रणनीति तेयार की गई है, जिसके अंतर्गत बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार एवं खून की कमी (एनीमीया) निवारण हेतु ग्राम स्तरीय एवं जिला स्तरीय स्वास्थ्य एवं पोषण कार्ययोजना जनसमुदाय के सहभागिता से तैयार की गई है। इस रणनीति के क्रियान्वयन एवं इसकी निगरानी में समुदाय का नेतृत्व एवं सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पोषण सरकार की संकल्पना को प्रमुखता से शामिल किया गया है। मैं आशा करता हूं कि विभाग की यह पोषण प्रबंधन रणनीति सुपोषित मध्यप्रदेश की संकल्पना को पूर्ण करने में सहयोगी होगी। सुपोषित जिले एवं सुपोषित मध्यप्रदेश हेतु रणनीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु शुभकामनाएं।
         पोषण महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री दत्तीगांव ने कहा कि महिलाओं का पोषण ठीक से होना चाहिए। एनीमिया सहित कुछ जांच की व्यवस्था हमारे बदनावर में है। इसके लिए ओर बेहतर प्रयास करे। प्रशासनिक अधिकारियो से बात कर मोबाइल वेन का प्रारंभ कराएं। सभी को साथ मे लेकर कार्य करे। अगर हम हमारी भावी पीढ़ी सशक्त चाहते हैं तो आज ली हुई शपथ का अनुपालन करे। आयरन की गोलियों का टेस्ट कड़वा हो सकता है परन्तु यह आपके लिए फायदेमंद है। ग्रामीण में महिलाए खुल कर नही बोल पाती है। इस पर अमल करना चाहिए। यह आपके लिए आवश्यक है, इसमे आगे आकर खुल कर बताना चाहिए। हमारी माताओ बहनों को कुछ भी समस्याए हो तो वह पंचायत या महिला बाल विकास के अधिकारियों को आकर बतावे। हमारे पास पहले से ज्यादा संसाधन उपलब्ध है।सभी से आग्रह है कि वे अपनी माताएं बहने व बेटियों को ओर ज्यादा शिक्षित करे। माकनी की प्रोगेस में पर्सनली मॉनिटरिंग करूँगा। यह आपका पायलट प्रोजेक्ट है। सभी की ब्लड रिपोर्ट, शरीर मे होने वाली कमी की रिपोर्ट मुझे चाहिए। हमारी माताए सिर्फ घर के कार्यो के लिए नही है। सभी को आगे आकर कार्य करना होगा। पुरुषों से भी आग्रह है कि वे अपनी घरों की महिलाओं को आगे आकर टेस्टिंग कराने के लिए प्रेरित कर लावे। क्योंकि जब मन, शरीर स्वस्थ होगा तो सभी जगह खुशियां ही खुशियां रहेगी।


          ज्ञात रहे कि  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने मध्यप्रदेश को कुपोषण मुक्त करने का संकल्प लिया है। इसके लिए प्रदेश में अल्पकालीन, मध्यावधि एवं दीर्घकालीन रणनीति बनाई गई है। प्रदेश में सभी प्रकार के कुपोषण को खत्म कर मौजूदा बाल मृत्यु दर 56 प्रति हजार से घटाकर 25 प्रति हजार तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ कर मौजूदा मातृमृत्यु दर 173 प्रति 10 दस लाख से घटाकर 70 तक लाने की योजना बनाई गई है। कुपोषण के दुष्चक्र को तोड़ने के लिए ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के दायित्व निर्धारित किए गए हैं।


       मध्यप्रदेश को कुपोषण के कलंक से पूर्ण रूप से मुक्त करने की शुरूआत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा 17 सितम्बर से किया गया। मुख्यमंत्री श्री चैहान का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे। उनका नारा है श्स्वस्थ बचपन और सुरक्षित मातृत्व। इसको पूरा करने में प्रदेश में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
       प्रदेश में गरीब कल्याण सप्ताह का आयोजन 16 से 23 सितम्बर तक किया जा रहा है। सप्ताह के अंतर्गत प्रतिदिन अलग-अलग विभागों से संबंधित गरीबों के कल्याण से संबंधित कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इसी कड़ी में 17 सितम्बर को प्रदेश के समस्त आंगनवाड़ी केन्द्रों के कुपोषित बच्चों को पौष्टिक, सुगंधित दूध वितरित किया गया।
      कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में 1 लाख 10 हजार 747 लाड़ली लक्ष्मी को सिंगल क्लिक के माध्यम से योजना का लाभ दिया। इसके साथ ही प्रदेश के 601 नवीन आंगनवाड़ी भवनों का लोकार्पण किया गया।

आर्थिक सहायता स्वीकृत
  धार 17 सितम्बर 2020/ कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद के अंतर्गत मण्डलावदा पीथमपुर के सौरभ पिता राजमल चैधरी को बीमारी के ईलाज के लिए दो लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है।

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