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नगर निगम में इंजीनियर और अफसरों की कमीशनबाजी ने किया ठेकेदार का घर तबाह, गर्भवती पत्नी जीवन और मौत के बीच खड़ी


उज्जैन। नगर निगम के ठेकेदार शुभम खंडेलवाल की रहस्यमयी मौत के मामले में शहर जिला कांग्रेस कमेटी अ.जा. विभाग अध्यक्ष सुरेंद्र मरमट ने मामले की एसआईटी से जांच कराने की मांग की है। मरमट ने कहा कि नगर निगम में इंजीनियर और अफसरों की कमीशनबाजी ने ठेकेदार का घर तबाह कर दिया और गर्भवती पत्नी जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।


सुरेन्द्र मरमट के अनुसार शुभम खंडेलवाल की मौत 10 सितंबर को हुई थी। आज 8 दिन बीतने के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नही पहुँच पाई है। प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि उसे प्रताड़ित किया जा रहा था और बिल भुगतान के बदले में कमीशन की राशि मांगी जा रही थी। ऐसे में वह कई जनप्रतिनिधियों और अफसरों से भी गुहार लगा चुका था। कहीं से भी मदद ना मिलने के बाद उसने जहर खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। शुभम खंडेलवाल की मौत को एक्सीडेंट भी बताने की कोशिश की गई है जबकि पुलिस को मौके से जहर खाने के सबूत के तौर पर शुभम द्वारा की गई उल्टियां भी मिली है।

शुभम ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है जिसमे उसने 2 निगम इंजीनियरो समेत एक का अन्य नाम लिखा है। यह मामला आत्महत्या के लिए मजबूर करने का है, कुछ जिम्मेदार इसे एक्सीडेंट की शक्ल भी देना चाह रहे है। इधर यह भी सामने आया कि शुभम का मकान भी तोड़ने की भी तैयारी कर ली गई थी। ऐसे में सभी पहलुओं पर बारीकी से निष्पक्ष जांच की मांग कांग्रेस नेता सुरेंद्र मरमट ने की है। इस पूरे मामले में अब उच्च स्तरीय जांच की दरकार है।

ऐसे में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) से इसकी जांच कराया जाना बेहद जरूरी है, क्योंकि शुभम खंडेलवाल की मौत के तीसरे ही दिन उसकी पत्नी सानिया ने भी इंदौर के सी-21 मॉल से कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी, सानिया गर्भवती भी है। कुल मिलाकर नगर निगम के अफसरों और इंजीनियरों द्वारा जो कमीशन का खेल खेला जा रहा है ,उससे ठेकेदार का एक पूरा घर तबाह हो गया। इधर फरार आरोपी इंजीनियरों की गिरफ्तारी भी नहीं हो पाई है।

ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से आग्रह है कि वह एसआईटी से इसकी निष्पक्ष जांच करवाएं और निगम में कमीशन का खेल भी बंद करवाए ताकि कोई युवा ठेकेदार इस तरह से आत्महत्या करने के लिए मजबूर ना हो।

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