Domain Registration ID: DD9A736AA76EB45DBBFAF21E3264CDF2D-IN Editor - Neelam Dass, Add. - 105 Jawahar Marg, Ujjain M.P., India - Mob. N. - +91- 8770030644

नागदा जं. निप्र। कोरोना संक्रमण काल नागरिकों पर पता नहीं और कितने सीतम ढाने वाला है। लेकिन शहर के एक परिवार पर कोविड-19 के नाम पर प्रशासन ने जो खेल खेला है उससे इस परिवार को दो-दो मौत का मंजर देखना पडा है। शहर के ही निवासी अकबर खान जो कि कोविड निगेटिव थे बावजुद इसके प्रशासन ने उन्हें पाॅजिटिव बता दिया, घर पर कंटेनमेंट एरिया भी बना दिया। इसी दहशत में अकबर खान की तो मौत हो ही गई साथ ही उनकी मौत के गम में उनके एक अन्य भाई भी इस दुनिया को अलविदा कह गए। इस पुरे मामले की शिकायत अब पिडित के पुत्र अशफाक खान ने पुलिस थाना नागदा में करते हुए दोषी लोगों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की है।


क्या है मामला


मामले में मृतक के पुत्र अशफाक ने बताया कि उसके पिता अकबर खान जो कि ह्दय की बिमारी से ग्रसित थे, का अचानक 21 जुलाई को सांस लेने में दिक्कत एवं घबराहट होने पर उन्हें डाॅ. सुनील चैधरी को दिखाने भाई ले गया। डाॅ. चैधरी उनके फैमेली डाॅक्टर है उसके बावजुद भी उन्होंने उनका ईलाज करने से मना करते हुए सिविल हाॅस्पिटल के लिए रेफर कर दिया तथा डाॅक्टर चैधरी ने बिना किसी जांच पडताल के मौखिक रूप से 99 प्रतिशत कोरोना होना बताया। बहुत आग्रह करने के बाद डाॅ. चैधरी ने एक्स-रे व ईसीजी करवाया। एक्सरे देखने के बाद डाॅ. चैधरी ने उन्हें निमोनिया होना बताया। निमोनिया की पुष्टि होने के बाद भी भेदभावपूर्वक ईलाज करने से इन्कार कर दिया और बहुत ज्यादा कोरोना का टेंशन पैदा कर दिया। जिसके चलते उसके पिता घबरा गये।

डाॅ. चैधरी ने उन्हें सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया। सिविल हाॅस्पिटल नागदा में पदस्थ डाॅक्टरों द्वारा मेरे पिता की कोरोना जांच का सेंपल लिया तथा दो घंटे एडमिट रखने के बाद उपचार के लिए उज्जैन माधव नगर सिविल हाॅस्पिटल रेफर कर दिया। अगले 22 जुलाई को रात्रि 1.20 बजे नागदा का प्रशासनिक अमला उसके के निवास 30 अयोध्यादास काॅलोनी, जवाहर माग गली नं. 1, नागदा पर पहुॅंचा तथा परिवार को बताया गया कि अकबर खान की कोरोना रिर्पोट पाॅजिटिव आई है। जिसके चलते मकान को कंटेनमेंट एरिया घोषित कर सील कर दिया गया। उसके पिता की 23 जुलाई को मौत हो गई।


मृतक के पुत्र ने बताया कि प्रशासन को उसके पिता की रिर्पोट निगेटिव होने की जानकारी होने के बाद भी मकान कंटेनमेंट एरिया घोषित कर परिवार को 22 जुलाई को बेरिकेटिंग कर कैद कर दिया गया तथा कंटेनमेंट एरिया 1 अगस्त तक बनाऐ रखा। घर कंटेनमेंट होने की वजह से परिवार और आसपास के लोग इस विपदा में भी घर नहीं आ सके। अशफाक ने बताया कि उसके पिता की मृत्यु के गम में उसके चाचा वहीद खान जो कि पैतृक निवास रायपुर झालावाडा (राजस्थान) में रहते हैं का भी देहान्त हो गया। अशफाक ने बताया कि उसके चाचा को इस बात का बहुत अधिक अफसोस था कि वह अंतिम समय में अपने भाई से नहीं मिल सके।


माधव नगर अस्पताल संपर्क करने पर मालुम हुआ रिर्पोट तो निगेटिव थी


अशफाक ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद 7 अगस्त को उज्जैन स्थित माधव नगर सिविल हाॅस्पिटल जो कि कोविड-19 सेंटर बनाया गया है परिवारजन गए, जहाॅं ड्यूटी पर तैनात डाॅक्टर ने बताया कि इस मामले में कुछ भी जानकारी चाहिए तो आप डाॅक्टर डाॅ. सोनानियाजी से मिलें। जब वह डाॅ. सोनानिया से मिले और पिताजी की कोरोना रिर्पोट के बारे में पुछा गया तो उन्होंने बताया कि आपके पिताजी की कोरोना रिर्पोट निगेटिव आई थी। इस बात से सभी परिजन के पैरो तले जमीन खिसक गई और मुझे बहुत बडा आघात पहुॅंचा और मैंने तुरंत आपत्ति लेते हुए स्थानिय जिला चिकित्सालय उज्जैन एवं नागदा के डाॅक्टरों एवं प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाऐ कि जब मेरे पिता कोरोना पाॅजिटिव नहीं थे तो उन्हें हमसे आखरी वक्त में अलग क्यों रखा गया, वहीं हमारे घर को कंटेनमेंट एरिया घोषित कर 10 दिनों तक कैद क्यों किया गया। जिस तरीके से कोरेाना पाॅजिटिव पेशेंट का अंतिम संस्कार किया जाता है उसी प्रकार उज्जैन जिला प्रशासन द्वारा मेरे पिता का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान भी स्वास्थ्य विभाग के दो व्यक्तियों के अलावा दो पुलिस जवान भी तैनात थे।


कंट्रोल रूम पर पदस्थ आरक्षक ने पिता से की थी पुछताछ

अशफाक ने बताया कि उसके पिता से उज्जैन कंट्रोल रूम से ड्यूटी पर तैनात पुलिस जवान द्वारा दुरभाष मोबाईल नम्बर 7049118070 से पिता के मोबाईल नम्बर 9827175568 पर फोन कर पुलिसिया भाषा में 22 जुलाई को रात्रि 10.49 बजे 9 मिनिट 42 सेकेण्ड बात की। जबकि उसके पिता पिछले 24 घंटे से लगातार आक्सीजन पर थे। उसके बावजुद इतनी लम्बी बात करना और उन्हें जो नहीं बताना था वह भी बताया गया कि आपकी रिर्पोट पाॅजिटिव आई है जबकि रिर्पोट निगेटिव थी। इस तरह से अनुचित बात करना भी उनकी मृत्यु का एक कारण बना है। पिडित परिवार ने इस पुरे मामले की शिकायत पुलिस थाना नागदा मण्डी के अलावा मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, स्वास्थ्यमंत्री, मानव अधिकार आयोग आदि स्थानों पर भी की है तथा परिवार को इस प्रकार से प्रताडित करने तथा उसके पिता की मृत्यु का कारण प्रशासन की लापरवाही को बताते हुए दोषी लोगों के विरूद्ध सख्त कारवाई करने की मांग की है।

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