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भाजपा नेता एवं पूर्व नपा उपाध्यक्ष ने एसडीएम को सौंपा पत्र

नागदा जं. निप्र। आगामी नगरीय निकाय निर्वाचन को लेकर कलेक्टर के वार्ड परीसिमन के निर्देशों के बाद सरगर्मीयाॅं बढ गई है। नागदा नगर पालिका के वार्डो के परिसीमन को लेकर भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री अब्दुल हमीद एवं पूर्व नपा उपाध्यक्ष रामसिंह शेखावत ने एक पत्र अनुविभागीय अधिकारी पुरूषोत्तम कुमार को प्रेषित किया है।


नेताद्वय ने पत्र में कहा है कि निकाय के होने वाले वार्ड परिसीमन को मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 29(1) अनुसार वार्डो का बराबर संख्या में विभाजन कर किया जाऐ। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नगर पालिका वार्डो का विस्तार नियम 1994 के नियम 6उपनियम दो (तीन) अनुसार जनगणना के प्रकाशित आंकडे जिसमें अनुसूचित जाति व अनुसूचित जन-जाति की कुल जनसंख्या के आंकडे सम्मिलित हो उसे आधार मानकर प्रत्येक वार्ड की औसत जनसंख्या निर्धारित की जावेगी, तदानुसार सन् 2011 की जनगणना के आधार पर समान जनसंख्या में वार्ड विभाजन होगा, ना कि 2014 के मतदाताओं की संख्या के आधार पर यदि 2014 के मतदाताओं को यथावत रखते हुए प्रस्ताव तैयार किया जाता है तो यह नियमानुसार नहंी होगा व उच्च न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर में दायर याचिका क्र. डब्ल्यूपी 4968/2014 में 19 सितम्बर 2019 को दिए गए आदेश के विरूद्ध होकर अवमाननाकारक होगा, क्योंकि आदेश में फ्रेश कानून संमत नया परिसीमन करने का आदेश है।


नेताद्वय ने पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया है कि 2014 के वार्ड परिसीमन में भागौलिक दृष्टि से वार्डो का विभाजन ठीक नहीं राजनैतिक दबाव में कहीं का वार्ड कहीं जोडा गया है, जो अवैध है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया है कि वार्ड 5 की सीमा के मतदाता 6 में जोड दिये हैं, वार्ड 5 के भाग को वार्ड क्र. 1 में आधा भाग जोडा गया है, वार्ड क्र. 7 के मतदाताओं को वार्ड क्र. 1 जुना नागदा में जोडा गया है, वार्ड क्र. 8 के मतदाताओं को वार्ड 3 में दर्शाया है व अन्य कई वार्ड ऐसे हैं जिनकी आपत्तियों को निराकृत नहीं किया गया था।

उन्होंने बताया कि 2014 के परिसीमन में वार्ड क्र. 32 में जनसंख्या 2620 दर्शाई है व मतदाता 2755 कैसे संभव है ? वहीं वार्ड क्र. 3 में जनसंख्या 2455 व मतदाता 3118 कैसे बने ? वार्ड क्र. 34 में जनसंख्या 2698 में मतदाता 2669 कैसे हो गए ? क्या 15 वर्ष व इससे कम आयु के बच्चे भी मतदाता बन गए ? नेताद्वय ने कहा कि लगभग 25 से अधिक वार्डो में अधिनियम के वार्ड विभाजन नियम 3 उपनियम दो की अनदेखी की गई है व मतदाताओं की संख्या में 15 प्रतिशत से अधिक का अंतर है, जो विधि विरूद्ध है।


श्री हमीद व श्री शेखावत ने पत्र के माध्यम से एसडीएम से अनुरोध किया है कि निकाय चुनाव हेतु 2014 के परिसीमन के आधार पर पुनः परिसीमन अवैधानिक है और यदि यही आधार बनाकर पुनः मनमाने तरीके से वार्ड परिसीमन नियमों की अनदेखी कर किया गया तो वह उच्च न्यायालय की शरण में जाने हेतु स्वतंत्र होंगे। नेताद्वय ने कहा कि वर्ष 1978 में संपन्न हुए निर्वाचन को उच्च न्यायालय ने गलत वार्ड विभाजन व त्रुटिपूर्ण मतदाता सूची को आधार बनाकर निर्वाचन ही अवैध घोषित कर दिये थे जिससे जनवाही मोर्चा 20 वार्डो में से 13 पर जीत से बहुमत मिला था।

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