Domain Registration ID: DD9A736AA76EB45DBBFAF21E3264CDF2D-IN Editor - Neelam Dass, Add. - 105 Jawahar Marg, Ujjain M.P., India - Mob. N. - +91- 8770030644
चाहे प्रदेश की बात करें या फिर चाहे देश की या फिर चाहे हम हमारे उज्जैन की ही बात क्यों न करें.

उज्जैन : किसानों को कहीं न कहीं परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिस तरह से सामान्य लोगों की स्थिति लाॅकडाउन में बिर्गड़ी है उससे कहीं ज्यादा हालात अन्नदाताओं की है। एक बड़ा तबका खेती-किसानी से अपना गुजर-बसर करता है। किसानों के लिए मार्च-अप्रैल का महीना बेहद अहम माना जाता है। इस दौरान खेतों में रबी फसलों की कटाई के साथ उन्हें मंडियों तक पहुंचाने के सारे काम निपटाए जाते हैं।मौसम की मार से परेशान किसानों के सामने लॉकडाउन ने कई चुनौतियां तो खड़ी कर ही दी हैं साथ ही राहत पैकेज के नाम पर भी उनके हाथ कुछ नहीं लगा। पीएम किसान योजना में अभी तक सभी लाभार्थी किसानों को सभी किस्ते नहीं मिली। लॉकडाउन के बाद एक तरफ़ जहां गरीब, दिहाड़ी मजदूरों का पलायन बढ़ा है, तो दूसरी तरफ गरीब किसान अपनी फसल को खेतों में सड़ते हुए देख रहा है।

गन्ना किसानों की हालत वैसे ही खस्ता है ऊपर से लॉकडाउन उन पर दोहरी मार साबित हुआ है। डेयरी, पाल्ट्री जैसे व्यवसाय से जुड़े किसान भी बड़े शहरों के बंद होने संकट में आ गए हैं। जो किसान गांवों से शहरों में कच्चा माल सप्लाई करते हैं वो काफी प्रभावित हो रहे हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी इसका बुरा असर पड़ है।सरकार द्वारा जारी नए आदेशों में किसानों को कई छूट देने संबंधी बातें कही गई हैं लेकिन जानकारों का कहना है कि लॉकडाउन से फसलों के लिए मजदूरों का मिलना मुश्किल होगा तो वहीं बाजार में भी बिक्री आसान नहीं होगी। बाज़ार में मंदी के बने रहने के आसार हैं, जिससे डिमांड में कमी आएगी और किसानों को उनकी फसल का सही दाम नहीं मिल पाएगा।

सब्ज़ियों, दुग्ध उत्पादक, पशुपालक, मुर्गीपालक, मछली-पालक किसानों को बहुत नुक़सान हुआ है. इसकी भरपाई की दिशा में कोई ठोस धनराशि बांटी जानी चाहिए.यहां यह बताना ज़रूरी है कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ यानि की एगमार्कनेट के अनुसार भारत के पहले लॉकडाउन फ़ेज़ में खाद्य आपूर्ति श्रृंखला 60% से ज़्यादा प्रभावित हुई थी. लेकिन मई के अंत तक आते-आते यह संतुलित अवस्था में आ गई. वहीं खाद्य पदार्थों की मंहगाई पहले 10% बढ़ी और बाद में घट गई थी. यह रिपोर्ट 1804 मंडियों के आधार पर बनाई गई है।.

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