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न्यायालय श्रीमान जफर इकबाल अपर सत्र न्यायाधीश-तहसील बड़नगर जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा अभियुक्तगण

01. कमलसिंह,

02. अजयसिंह, निवासीगण-लिम्बास, तहसील बडनगर का जमानत आवेदन निरस्त किया गया।

    उज्जैन  :  उप-संचालक अभियोजन डॉ0 साकेत व्यास ने बताया कि घटना इस प्रकार है कि दिनांक 19.08.2020 को फरियादी मायाकुवंर ने थाना भाटपचलाना पर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कराई कि मेरी ससुराल लिम्बास व मेरा पीयर घूमाखेड़ी में है। मेरी शादी एक-डेढ़ साल पहले लिम्बास के अजयसिंह के साथ समाज के रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के बाद से ही मेरे ससुर कमलसिंह, सास श्यामूबाई व देवर तूफानसिंह मुझे कम दहेज लाने की बात परेशान करने लगे। मेरे सास व ससुर मुझे रखना नहीं चाहते थे।

बोले बिल तेरे कारण ही इतना आया है तू दिनभर टी.व्ही. देखती है

आज सुबह मेरे ससुर कमलसिंह ने बोला कि बिजली का बिल 18,000/- रूपये आया है। तुम तुम्हारा मंगलसूत्र दो उसे बेचकर बिलजी का बिल भरूगां। इस बात को मैनें अपने भाई को फोन लगाकर बताया तो भाई ने मेरे ससुर से कहा मेरी बहन का मंगलसूत्र मत लेना मैं 5,000/- रूपये दे दूंगा। तब मेरे पति व ससुर ग्राम घूमाखेड़ी जाकर 5,000/- रूपये लेकर वापस आ गये। मेरे ससुर ने आकर कहा कि तेरे भाई ने तो सिर्फ 5,000/- रूपये दिये हैं। बिल नहीं भर पायेगा। बोले बिल तेरे कारण ही इतना आया है तू दिनभर टी.व्ही. देखती है। तभी मेरे ससुर कमलसिहं, सासु श्यामूबाई और देवर तूफानसिंह ने मुझे पकड़ा तभी सास ने मुझे जान से मारने की नियत से बाथरूम साफ करने का एसिड मुझ जबरजस्ती पिला दिया।

ससुर बोला यह मर जायेगी इसको इसके पीयर छोड़ दे

मेरी तबीयत खराब होने लगी तो ससुर बोला यह मर जायेगी इसको इसके पीयर छोड़ देते है। मेरे ससुर व देवर मोटरसायकिल से मुझे मेरे पीयर में घर के बाहर छोड़कर चले गये। तब मैने सारी बात अपने भाई तथा पीयर के लोगों को बताई। तब मेरा भाई मुझे नागदा जनसेवा हॉस्पिटल लेकर आया और इलाज कराया। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना भाटपचलाना पर अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान अभियुक्तगण को गिरफ्तार किया गया।

जान से मारने की नियत से एसिड पिलाकर गंभीर अपराध किया

अभियुक्तगण द्वारा जमानत आवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अभियोजन अधिकारी श्री कलीम खान की ओर से जमानत आवेदन का विरोध किया कि फरियादियां को जान से मारने की नियत से एसिड पिलाकर गंभीर अपराध किया है। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्केे से सहमत होकर अभियुक्तगण का जमानत निरस्त किया गया। प्रकरण में पैरवीकर्ता श्री कलीम खान, एजीपी तह0 बड़नगर जिला उज्जैन द्वारा की गयी।

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