Domain Registration ID: DD9A736AA76EB45DBBFAF21E3264CDF2D-IN Editor - Neelam Dass, Add. - 105 Jawahar Marg, Ujjain M.P., India - Mob. N. - +91- 8770030644


सोयत कला… राजेश बैरागी समीपस्थ गांव देवली स्थित नीलकंठेश्वर महादेव पर्वत पर श्राद्ध पक्ष मैं अपने अपने पूर्वज की स्मृति में विभिन्न प्रजातियों के पेड़ पौधा रोपण का कार्य प्रकृति वंदन कार्यक्रम के साथ आरंभ हुआ! विकास समिति के पदाधिकारी राजेंद्र पालीवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम चरण में पर्वत को अतिक्रमण से मुक्त करा कर जानवरों से बचाव के लिए चारों और तार फेंसिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है द्वितीय चरण में हमारी योजना अनुसार लुप्त प्राय पेड़ पौधों की विभिन्न प्रजातियों को खोज कर आगामी पीढ़ी के लिए सहेजने के लिए इस पर्वत पर लगाया जाएगा! हमारे क्षेत्र में कई प्रकार के पेड़ पौधों की जातियां कटकर नष्ट हो गई है उन्हें ढूंढ कर यहां पर रोपित किया जाएगा !समिति द्वारा इस प्रकार के 1000 पेड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है इसके लिए समिति ने योजना बनाई है हम चाहते हैं आम जनमानस इस कार्य के लिए भावना के साथ जुड़े प्रकृति पेड़ पौधों हरियाली का महत्व समझे इसी योजना अनुसार आम जनता को आह्वान किया गया है कि वह इस पर्वत पर अपने पूर्वजों की स्मृति में अपने हाथों से उनकी स्मृति को चिरस्थाई बनाने के लिए पौधा रोपित करें !समिति पेड, पौधों के देखभाल की समुचित व्यवस्था करेगी! पर्वत के ढलान क्षेत्र पर पर योजना अनुसार निश्चित दूरी पर पेड़ पौधे लगाए जाएंगे इस योजना का शुभारंभ’ प्रगति वंदन’ कार्यक्रम के दिन से प्रारंभ किया गया है।


आपने आगे बताया कि इस योजना का शुभारंभ श्राद्ध पक्ष में इसलिए किया कि श्राद्ध पक्ष में हम अपने पूर्वजों का स्मरण करते हुए तर्पण, पूजन आदि श्राद्ध कर्म करते हैं ऐसे में उनकी स्मृति को स्थाई बनाने के लिए श्राद्ध पक्ष में एक पौधा भी लगाने का संकल्प लें ।


योजना के तृतीय चरण में पर्वत के शिखर को समतल कर प्रकृति के साथ तालमेल बिठाते हुए विकसित करने का कार्य किया जाएगा यह संपूर्ण पर्वत धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन का केंद्र बने ऐसी योजना बनाई गई है उसी अनुरूप यहां निर्माण कार्य होगा l योजना अनुसार पहाड़ी पर वाहन से पहुंचने के लिए रोड का निर्माण कार्य चल रहा है !
संपूर्ण योजना का मुख्य उद्देश्य प्रकृति पेड़ पौधों के साथ मनुष्य का आमजन का तालमेल कैसे बनेृ् तथा धरती मां को पुनः हरी-भरी बनाने के लिए जनमानस जागरूक बने इसी पवित्र भाव को दृष्टिगत रखते हुए जन सहयोग से इस योजना का कार्य प्रारंभ हुआ है।

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