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नागदा जं.। वर्ष 2018-19 की सोयाबीन फसल बीमा राशी खाचरौद तहसील के 12607 किसानों की 63 करोड 85 लाख 50 हजार तथा नागदा तहसील के 13918 किसानों की 78 करोड 59 लाख 06 हजार कुल 26525 किसानों की 142 करोड 44 लाख 56 हजार रूपये की बीमा राशी स्वीकृत होकर खाते में डाली जा रही है।


विधायक गुर्जर ने दी जानकारी

यह जानकारी देते हुए विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने बताया कि वर्ष 2018-19 की सोयाबीन की फसल खराब होने पर कलेक्टर मनीषसिंह के साथ क्षैत्र में दौरा कर अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए थे। उसी के फलस्वरूप नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षैत्र में 26525 किसानों को 1 अरब 42 करोड 44 लाख 56 हजार रूपये की बीमा राशी प्राप्त हुई है। गुर्जर ने कहां है कि शासन द्वारा पूर्व में किसानों को खराब फसलों के मुआवजा हेतू नागदा-खाचरौद तहसील में 1 अरब 74 करोड 82 लाख 24 हजार रूपये की राशी का भुगतान किया गया था।


श्री गुर्जर ने बताया कि वर्ष 2019 में अतिवृष्टि से क्षैत्र के हजारों किसानों की खडी सोयाबीन फसल पूर्ण रूप से खराब हो गई थी तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने खराब हुई किसानों की सोयाबीन फसल का सर्वे करने व किसानों को पर्याप्त मुआवजा देने के निर्देश प्रदान किए थे क्षैत्र में खराब हुई सोयाबीन फसल का जिले के तत्कालीन कलेक्टर मनीष सिंह एवं कृषि उपसंचालक केवडा जी, एस.डी.एम. आर.पी. वर्मा, पटवारी व राजस्व निरीक्षक तथा कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ मेरी उपस्थिति में क्षैत्र के किसानों के खेत पर जाकर खराब सोयाबीन का स्थल परीक्षण कर सर्वे रिपोर्ट शासन को पे्रषित की थी उसी रिपोर्ट के आधार पर नागदा-खाचरौद में 142 करोड की बीमा राशि न्यु इण्डिया इन्श्योरेंस कंपनी द्वारा बीमा राशि मंजुर की है।


25 प्रतिशत प्रथम किश्त पूर्व में हो चुकी है प्राप्त
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श्री गुर्जर ने बताया कि वर्ष 2019 में खराब हुई सोयाबीन फसल की कमलनाथ सरकार ने मुआवजा राशि मंजूर की थी उस की प्रथम किश्त के रूप में क्षैत्र के 41042 किसानों को 25 प्रतिशत राशी के तहत 20 करोड 91 लाख 56 हजार की मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया गया है। शेष राशि वर्तमान सरकार को भुगतान करना है। श्री गुर्जर ने बताया कि कमलनाथ सरकार ने किसानों की पीढा को समक्ष और अन्नदाता को खराब फसल की मुआवजा राशि भी दी और वादे अनुसार किसानों का कर्जा भी मांफ किया है। वर्तमान सरकार को किसानों के प्रति हमदर्दी है तो 2020 में खराब हुई सोयाबीन फसल की बीमा राशी व 2019 में पाले से नष्ट हुई चने की फसल की बीमा राशी क्षैत्र के किसानों को तत्काल देने की कार्यवाही करनी चाहिए।

कई गांवों के किसान बीमा राशि से आज भी वंचित

श्री गुर्जर ने बताया कि 2018 में चने गेहूॅं दोनों फसल पाले से जल गई थी दोनों फसलों का किसानों से बीमा प्रीमियम की राशी ली थी लेकिन गत दिनों सिर्फ गेहूॅं की बीमा राशि (वो भी अपर्याप्त) नाम मात्र का भुगतान किया गया है। श्री गुर्जर ने कहां कि क्षैत्र के कई गांवों के किसान बीमा राशि से आज भी वंचित है जब कि कमलनाथ सरकार ने सोयाबीन मुआवजा सभी किसानों के बिना भेदभाव किए एक समान रूप से भुगतान किया है। श्री गुर्जर ने यह भी बताया कि 2020 की सोयाबीन खराब का पुरे क्षैत्र में सर्वे हो चुका है। इस की भरपाई भी सरकार को 40 हजार रूपये हेक्टेयर के मान से की जाना चाहिए।

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