Domain Registration ID: DD9A736AA76EB45DBBFAF21E3264CDF2D-IN Editor - Neelam Dass, Add. - 105 Jawahar Marg, Ujjain M.P., India - Mob. N. - +91- 8770030644

नागदा जं. निप्र। शासन द्वारा ग्रेसिम उद्योग को तत्काल 100 प्रतिशत उत्पादन शुरू करने के आदेश प्रदान कर सभी ठेका मजदुरों व स्थायी मजदुरों को कार्य पर रखने तथा अन्य मांगों के संबंध में विधायक दिलीपसिंह गुर्जर के नेतृत्व में कांग्रेस कमेटी द्वारा एसडीएम को कमिश्नर व लेबर कमिश्नर को ज्ञापन देकर तत्काल मजदुरों की समस्या के निराकरण नहीं होने पर धरना प्रदर्शन, स्वेच्छिक नागदा बंद के आह्वान की चेतावनी दी है।


श्री गुर्जर ने बताया कि श्रमायुक्त एवं कलेक्टर उज्जैन द्वारा कुछ शर्तो के साथ उद्योग प्रारंभ करने की अनुमति दी गई थी। उसका भी उद्योग द्वारा पालन न करते हुए शर्तो का उल्लंघन किया गया है। ग्रेसिम उद्योग अपनी उत्पादन प्रक्रिया 60 प्रतिशत से अधिक चला रहे है। वहीं स्थायी श्रमिकों से ठेका श्रमिकों का भी काम उद्योग प्रबंधन द्वारा लिया जा रहा है। जिसका परिणाम 3500 से ज्यादा ठेका श्रमिकों एवं स्थायी श्रमिकों को भुगतना पड रहा है।


यह मांग रखी सामने


श्री गुर्जर ने बताया कि हमने शासन से मांग की है कि लाॅकडाउन समाप्त हो चुका है। शासन उद्योग को निर्देशित कर 100 प्रतिशत उत्पादन प्रांरभ करने के आदेश प्रदान करें तथा सभी ठेकेदार व स्थायी मजदुरों को कार्य पर बुलाया जाये। उद्योग में स्टाॅफकर्मियों एवं स्थायी श्रमिकों को शासन के नियम विरूद्ध वीआरएस देने का कार्य तत्काल बंद किया जाये। यदि उद्योगों द्वारा सम्पूर्ण उत्पादन क्षमता से उद्योग प्रारंभ नहीं किया जाता है तो सभी स्थायी व ठेका मजदुरों को रोटेशन पद्धति से कार्य पर बुलाया जाये। जिससे सभी मजदुरों को कार्य मिल सके। 23 मार्च को जिन ठेका श्रमिकों ने लाॅकडाउन के चलते उद्योग में कार्य पर नहीं पहुॅंच पाए उनका उद्योग प्रबंधन द्वारा वेतन काटा गया है उसे तत्काल दिलाया जाये।  रोटेशन पद्धति के आधार पर उत्पादन प्रक्रिया में ठेका श्रमिकों को सम्मिलित होने के पश्चात शेष बचे ठेका श्रमिकों को कर्मचारी बीमा निगम के तहत संचालित की जा रही शासन की विभिन्न योजनाओं का हितलाभ दिलाया जाये।


शासन के निर्देशों के बाद भी श्रमिकों को क्यों नहीं दिया जा रहा वेतन


शासन द्वारा यह स्पष्ट आदेश दिया गया था कि कोरोना काल में किसी भी श्रमिको को कार्य से नहीं निकाला जायेगा, ना ही वेतन काटा जायेगा। बावजुद इसके उद्योग प्रबंधन द्वारा श्रमिकों को वेतन नहीं दिया जा रहा है, निकाला जा रहा है। जो शासन के आदेशों की उद्योग प्रबंधन द्वारा सीधे सीधे अवहेलना की जा रही है। तत्काल कार्यवाही कर ठेका श्रमिकों को वेतन दिलाया जाये। बेरोजगार ठेका श्रमिकों के लिए जब तक रोजगार प्राप्त नहीं हो शासन द्वारा बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाये। जिससे की ठेका श्रमिक अपने व अपने परिजनों का भरण-पोषण कर सके। ठेका श्रमिकों को संबल योजना से जोडकर उनको बिजली बिल में छुट एवं निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाये व ठेका श्रमिकों के बच्चो की फीस मांफ की जाये। उद्योग के प्रस्तुत वित्तीय उल्लेख से ये ज्ञात होता है कि पिछले वर्ष विस्कोस में प्रयोग आने वाले मुख्य राॅ मटेरियल पल्प, कास्टिक एण्ड सल्फर में अन्तर्राष्ट्रीय तौर के खरीदी मुल्य में काफी गिरावट आयी है जिसे बनाने की लागत काफी हद तक कम हो चुकी है।


मांगों का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन की राह पर आऐगी कांग्रेस


कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि उपरोक्त मांगों का तत्काल निराकरण 1 सप्ताह के अंदर किया जाये नहीं तो मजबुरन कांग्रेस को शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन, स्वेच्छिक नागदा बंद का आह्वान करना पडेगा। ज्ञापन का वाचन शहर कांग्रेस अध्यक्ष राधे जायसवाल ने किया। साथ में जिला महामंत्री रघुनाथसिंह बब्बु, मण्डलम् अध्यक्ष अजय शर्मा, आशीष जैन, नागुसिंह गुर्जर, नरेन्द्र रघुवंशी, रवि रजला आदि उपस्थित थे।

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