Domain Registration ID: DD9A736AA76EB45DBBFAF21E3264CDF2D-IN Editor - Neelam Dass, Add. - 105 Jawahar Marg, Ujjain M.P., India - Mob. N. - +91- 8770030644
भू-रैयतों का आरोप : चापलूस और पॉकेटबाज नेताओं की झांसे में आकर सरकार के फैसले के विरुद्ध काम कर रही है एनटीपीसी प्रबंधन

रिपोर्ट : अजीत सिन्हा

चतरा (झारखंड)। चतरा जिले के टंडवा प्रखंड में निर्माणाधीन एनटीपीसी नार्थ कर्णपुरा वृहत विधुत ताप परियोजना से विस्थापित छह गांवों के भू-रैयत बड़कागांव की तर्ज पर तीन सूत्री मांग को लेकर पिछले तीन महीने से आंदोलित है। विस्थापितों ने एनटीपीसी प्रबंधन पर दोहरी नीति अपनाते हुए सरकार के फैसले के विरुद्ध काम करने का गंभीर आरोप लगाया है।

इसे भी पढ़े : शहर में कोरोना संक्रमण के हालात बिगडने के बाद भी नहीं जागा प्रशासन

आंदोलित कृष्णा साहू ने कहा कि पूर्व की सरकार ने भू-रैयतो को प्रति एकड़ 20 लाख रुपये मुआबजा देने का निर्णय लिया था। वर्तमान सरकार ने भी उस फैसले को बरकरार रखा। लेकिन एनटीपीसी प्रबंधन भू-रैयतो को कहीं 15 तो कहीं 10 लाख रुपए देकर जमीन हड़पने पर तुली है। रैयतों का आरोप है कि स्थानीय दलाल किस्म के नेता को अपने गिरफ्त में लेकर एनटीपीसी प्रबंधन भू-रैयतों के साथ दोहरी नीति अपना रही है। पूर्व के प्रस्ताव को बदलकर भेजने का षड्यंत्र रचने का भी एनटीपीसी पर आरोप लगाया गया। ऐसे में तीन माह से धरने पर बैठे भू-रैयातो की मांग को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि चुप क्यों है यह यक्ष सवाल है।

आरोप है कि कुछ चंद पॉकेट नेताओं के के सह पर एनटीपीसी दोहरी नीति अपनाने पर तुली है। एनटीपीसी प्रबंधन अंग्रेज शासन काल की नीति अपना रही है। एनटीपीसी मुख्य द्वार पर सुरक्षा में लगे सीआईएफएफ के जवान आंदोलित महिला-पुरुष से दुर्व्यवहार कर रहे हैं। रैयतों ने कहा है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती है, तब तक वह अपनी आंदोलन जारी रखेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *