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मृत्यु होने के बाद आज वो राशि ना तो राज्य सरकार को लौटाई गई और ना ही हितकारी की पत्नी को दी

संभागायुक्त ने कलेक्टर को लिखा पत्र,

उज्जैन के 10 बड़े अस्पतालों में घोटाले की आशंका जताई अभा हिंदू महासभा, युवा शिवसेना गोरक्षा न्यास ने

उज्जैन। अखिल भारत हिंदू महासभा और मध्यप्रदेश युवा शिवसेना गोरक्षा न्यास द्वारा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य अनुदान राशि में उज्जैन के 10 बड़े अस्पताल मैं बड़े घोटाले की आशंका को देखते हुए उज्जैन संभाग आयुक्त महोदय को ज्ञापन पत्र सौंपा गया था जिस पर संभाग आयुक्त ने कलेक्टर को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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महासभा प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष मनीषसिंह चौहान ने कहा कि पूरे मामले की विस्तार से जांच हो क्योंकि मरने के बाद उस व्यक्ति की आने वाली राशि अस्पताल रख लेते हैं। प्रदेश सरकार गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज के उपचार हेतु पैसा अस्पताल के खाते में डाल देता है सरकार तो अपना काम कर रही है लेकिन बीच में अस्पताल के लोग मरीज के मरने के बाद उसमें से बचने वाली राशि सरकार को वापस नहीं लौटाते और ना ही मरने वाले मरीज के परिजनों को मिलती है।

ऐसे ही एक मामला फतेह सिंह माली पिता भेरुलाल माली जिनका उपचार उज्जैन के एसएस अस्पताल में लगातार होता रहा। 3 जनवरी 2020 को उनकी मृत्यु हो गई 100000 की सहायता राशि प्रदेश सरकार ने एस एस अस्पताल के नाम पर डाले थे लेकिन मृत्यु होने के बाद आज वो राशि ना तो राज्य सरकार को लौटाई गई और ना ही हितकारी की पत्नी को दी गई। फतेह सिंह माली की पत्नी ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर वह राशि उनके परिवार को देने की बात कही थी लेकिन आज दिनांक तक राशि नहीं मिली। शहर में कई ऐसे लोग हैं जो मर चुके हैं और उनकी लाखों रुपए की राशि अस्पताल वालों के खाते में वह अपने निजी स्वार्थ पर खर्चा कर रहे हैं।

अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष मनीष सिंह चौहान और किसान महासभा के प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष कैलाश माली ने आरोप लगाया है कि अगर जांच होगी तो बड़ा घोटाला सामने आएगा जो कि व्यापम से भी बड़ा होगा।

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