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उत्तर प्रदेश में इलाज, भूख और प्यास से तड़प कर मर रही गाय

शोपीस हुए टोल फ्री नंबर, हिंदूवादी संगठनों ने भी मुख मोड़ा
सड़क हादसे की शिकार, पांच दिन से इलाज का इंतजार

आगरा! प्रदेश में बेसहारा गोवंश का खून सड़कों पर बह रहा है। गोशाला में उनके लिए जहां चारे का इंतजाम नहीं है, वहीं भूख-प्यास से बेदम इन बेजुबानों के साथ सड़क पर जिंदगी-मौत का खतरनाक खेल चल रहा है। थाना बरहन क्षेत्र के आगरा जलेसर रोड बच्चा वाली पुलिया पर पांच दिन से सड़क हादसे की शिकार हुए, गाय जिंदगी और मौत से जूझ रही है!

शासन द्वारा घायल गोवंश को तुरंत सेवा मुहैया कराने के लिए एंबुलेंस सेवा का शुभारंभ 2017 में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने आवास सात कालिदास मार्ग मनरेगा मजदूर कल्याण संगठन के माध्यम से उपलब्ध कराई गई गोवंश सेवा के लिए एंबुलेंस का उद्घाटन कर केशव मौर्य ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में पशु घायल हो जाते हैं या बीमार रहते हैं तो उनकी उचित देखभाल नहीं हो पाती लेकिन अब गोवंश चुपचाप मोबाइल बैंक से इस तरह की समस्याओं का निदान होगा!

उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं पर भी घायल गोवंश दिखे तो टोल फ्री नंबर 1800 1035 3 07 आवश्यक सूचना दें ताकि घायल गाय को तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सके लेकिन यह आज टोल फ्री नंबर भी गायों की दुर्दशा पर आंसू बहा रहे हैं !

स्थानीय निवासी विजय सिंह के मुताबिक किसी अज्ञात वाहन ने पांच दिन पहले रात में गाय में टक्कर मार दी टक्कर लगते ही गाय धड़ाम से सड़क पर गिरी और सिर के पास से खून का फौव्वारा छूट पड़ा। गाय के पेट, पिछली दोनों टांगों और शरीर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट आई है। गाय का पैर टूट गया है हड्डी निकल आई है पैर टूटने के कारण गाय उठने में असमर्थ है स्थानीय लोगों ने पशुओं के डॉक्टर, टोल फ्री नंबर पर संपर्क किया लेकिन फोन नहीं उठे!

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क्षेत्रवासियों का कहना है कि


शहर व देहात में किस तरह गायों की दुर्दशा हो रही है, यह किसी से छिपा नहीं है !रोजाना कही ना कहीं गौ माता दम तोड़ रही हैं। और कहीं इलाज के अभाव से जिंदगी और मौत से जूझ रही है और स्वान भी जख्मों को कुरेद रहा है बरहन के नजदीक थाना खंदौली में भी एक गोवंश की जान चली गई जिसे आवारा जानवरों ने नोच नोच कर खा लिया वहीं स्थानीय पुलिस की मदद से मृतक गोवंश का हिंदू रीति रिवाज से जमीन में दफनाया गया!

यह सिलसिला रुकने का नाम नही ले रहा है। गौशाला ब गौवंशों की क्या स्थिति है, यह किसी से छुपी नहीं है जहां अनेकों गायों ने इलाज के अभाव और भूख से तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। गायों की मौत से स्थानीय लोग भी हतप्रभ है। जबकि सरकार का ऐलान था कि गौ शालाओं में गौ माता के निवाले के लिए उचित प्रबंध किए जाए।

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प्रत्येक गाय के हिसाब से उनके भरण पोषण के लिए तय दर से देने की भी बात की गई थी। लेकिन थाना बरहन में इतनी बुरी दुर्दशा गायों की होगी ये अचंबित करने की बात है। गौ संचालकों पर इनके पालन पोषण के लिए उचित व्यवस्था नहीं है।जिला प्रशासन की तरफ से भी कोई सुविधा इनको नहीं मिल रही है। स्थानीय लोग भी इनके मरने की वजह भूख बता रहे है!

वही प्रदेश की पहचान गोवंश की आज हो रही बेकद्री के लिए सरकार ही नहीं समाज भी जिम्मेदार हैं जो दूध की जरूरत पूरी होते ही गोवंश को सड़क पर भटकने के लिए छोड़ देता है और आज
गोसेवा के नाम अनगिनत संगठन हैं, लेकिन गाेवंश की हो रही दुर्दशा पर उनका जमीर जिंदा नहीं हो रहा है। सारी जवाबदेही सरकार पर थोपने भर से हम मुक्त नहीं हो सकते हैं। जरूरत ऐसी सामूहिक पहल की है, जिससे बेसहार बन सड़क पर घूमने से गोवंश को बचाया जा सके।

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