Domain Registration ID: DD9A736AA76EB45DBBFAF21E3264CDF2D-IN Editor - Neelam Dass, Add. - 105 Jawahar Marg, Ujjain M.P., India - Mob. N. - +91- 8770030644

सुसनेर से यूनुस खान लाला की रिपोर्ट चिरंतन न्यूज़ के लिए

करवा चौथ को लेकर बाजार सज गया है बाजारों में हाथ ठेलों पर मिट्टी से बने करवे दिखाई देने लगे हैं। दूसरी और करवा चौथ पर सबसे ज्यादा व्यापार साड़ियों का होता है , बाजार में कपड़ा व्यवसाईयों ने कई वैरायटी से साड़ियां से दुकानों को सजा लिया है ।करवा चौथ से पूर्व ही बाजार में साड़ियां व ज्वेलरी खरीदने के लिए भीड़ नजर आने लगी है ।

व्यापारियों के अनुसार इस बार नई वैरायटी से साड़ियों के आने से अभी तक ग्रहकी बनी हुई है । वैसे दीपावली पर्व पर भी साड़ियों का व्यापार अच्छा खासा रहता है, किंतु इस बार करवा चौथ को लेकर भी पहले से ज्यादा उत्साह महिलाओं में देखने को मिल रहा है  । करवा चौथ का पर्व 4 नवंबर को मनाया जाना है इस दिन महिलाएं निर्जल उपवास रखकर अपने सुहाग के लिए लंबी आयु की कामना करती है ।

बाजार में अभी से साड़ियां , चूड़ियां , मेंहदी  आदि की मांग बढ़ गई है । करवा चौथ का पर्व 4 नवंबर को मनाया जाएगा इसके लिए साड़ी और उपहार खरीदने के लिए दुकानों पर ग्राहक आने लगे हैं ।व्यापारियों के अनुसार महिलाएं नई वैरायटी की साड़ियों की खरीदारी कर रही है । बाजार में साड़ी चूड़ी मेहंदी आदि की मांग भी बढ़ने लगी है , खरीदारी के लिए महिलाओं में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है साड़ी व्यापारी द्वारकादास मोदानी ने बताया कि नई वैरायटी में बड़ी लेस में शिफान , कुशी , ब्रासो नेट पर फैंकेसी वर्क ,नेट पंगु , कश, लाल चुनरी की मांग अधिक है।

पत्नियों के साथ पति भी रख सकते हैं व्रत 

गणेश जी जिन्हें विघ्नहर्ता कहा जाता है उन्हें प्रसन्न करने के लिए चतुर्थी का व्रत अहम माना जाता है । 4 नवंबर को करवा चौथ है , जिसे वैसे तो महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है लेकिन इसे विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है ।जिसका व्रत पुरुष भी कर सकते हैं, माना जाता है कि विनायक चतुर्थी व्रत रखने से कष्ट मिट जाते हैं।

वही करवा चौथ की बात करें तो आजकल पति भी यह व्रत पत्नियों के लिए रखने लगे हैं ।और पुराणों की मानें तो श्रीकृष्ण ने इस व्रत का महत्व पुरुषों के लिए भी बताया है। श्री कृष्ण ने सुझाया था व्रत — एक कथा  द्वापर  युग की है जिसमें धर्मराज युधिष्ठिर द्वारा युद्ध में विजय पाने के लिए पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री कृष्ण ने उन्हें करवा चौथ का व्रत करने का उपाय बताया इसके बाद इसी  व्रत को अर्जुन और द्रौपदी ने मनोवांछित फल पाने के लिए किया और उन्हें अपने लक्ष्य की प्राप्ति हुई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *