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इसे योगी सरकार का बड़ा फैसला माना जा रहा

बाल या फिर दाढ़ी रखने के लिए पुलिसकर्मियों को अपने अधिकारी से इजाजत लेनी होगी.

उत्तर प्रदेश पुलिस के मुखिया डीजीपी एचसी अवस्थी की ओर से पुलिसकर्मियों की वर्दी, जूते, बाल और दाढ़ी को लेकर निर्देश जारी हुए हैं. निर्देश के मुताबिक, सिख धर्म के पुलिसकर्मियों के अलावा किसी को दाढ़ी रखने की इजाजत नहीं होगी. यही नहीं, सिख धर्म के अलावा सभी पुलिसकर्मियों को अपनी दाढ़ी क्लीन शेव रखनी होगी. साथ ही कहा गया है कि धार्मिक आधार पर अस्थायी तौर पर बाल या फिर दाढ़ी रखने के लिए पुलिसकर्मियों को अपने अधिकारी से इजाजत लेनी होगी. इसे योगी सरकार का बड़ा फैसला माना जा रहा है |

आपको बता दें कि नवरात्रि, सावन, बच्चे के मूल में जन्म, परिवार में किसी की मृत्यु के बाद हिंदू धर्म में बाल या फिर दाढ़ी कटवाने पर रोक रहती है. ऐसी परिस्थिति में पुलिसकर्मी अपने विभाग के प्रमुख से इजाजत लेकर बाल और दाढ़ी रख सकता है. इसके साथ ही वर्दी पहनते समय शर्ट के बटन से लेकर जूतों के रंग को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं. स्पोर्ट्स शू, सैंडल या फिर चप्पल पहनने पर भी सख़्त रोक के निर्देश दिए हैं. साथ ही डीजीपी एचसी अवस्थी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गलत वर्दी पहनने वालों को जरूर टोका जाए |

दरअसल उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद के रामाला थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर इंतसार अली को बिना अनुमति लंबी दाढ़ी रखने के आरोप में पुलिस अधीक्षक ने निलंबित करते हुए पुलिस लाइन भेज दिया था | बताया जा रहा है कि पुलिस अधीक्षक ने दरोगा इंतसार अली को तीन बार दाढ़ी कटवाने की चेतावनी दी थी |

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साथ ही उन्हें दाढ़ी रखने के लिए विभाग से अनुमति लेने को भी कहा था, लेकिन पिछले कई महीनों से दरोगा इंतसार अली आदेश की अनदेखी करते हुए दाढ़ी रख रहे थे | सहारनपुर निवासी इंतसार अली यूपी पुलिस में एसआई के पद पर भर्ती हुए थे और पिछले 3 साल से वह बागपत जिले में कार्यरत हैं | लॉकडाउन से पहले उन्हें रमाला थाने में तैनाती दी गई थी | पुलिस विभाग के नियमों के विपरीत लंबी दाढ़ी रखने को लेकर चर्चा में आए थे |

अंबेडकर नगर से राहुल कुमार निषाद की रिपोर्ट

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