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उज्जैन।फेसबुक पर मौत से पहले मेडिकल संचालक के छोटे भाई ने एक पोस्ट डाली थी जिसमें उसने लिखा था कि आप कानून व्यवस्था संभालो सूदखोरों को संभालने मैं आ रहा हूं अब एक और जिंदगी खत्म होने जा रही है इस पोस्ट को लेकर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया उसका नतीजा यह हुआ कि जिस जगह पर उसके बड़े भाई ने नदी में छलांग लगा कर अपनी जान दी थी उसी जगह पर उसके छोटे भाई ने भी सोमवार की सुबह नदी में छलांग लगा कर जान दे दी।

:दो दिनों पहले मेडिकल संचालक ने नृसिंहघाट पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। सुबह उसके घर पर उठावना था। परिजनों के साथ छोटा भाई अस्थी संचय कर घर लौटा, घर पर परिचित व रिश्तेदार सहित दोस्त मौजूद थे उसी दौरान बाजार से सामान लाने का कहकर वह घर से निकला और नृसिंहघाट ब्रिज से कूदकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने फेसबुक पर पोस्ट देखी तो सीधे नृसिंहघाट आये तब तक होमगार्ड तैराक दल द्वारा नदी में शव की तलाश शुरू कर दी गई थी।


पीयूष चौहान ने रविवार को कलेक्टर और एसपी के नाम भी एक पोस्ट की थी जिसमें लिखा था कि कलेक्टर और एसपी साहब सूदखोरों से आज एक और जिंदगी खत्म हो गई, प्रवीण चौहान और वो मुझ पागल पीयूष चौहान का भाई था। आप अपनी कानून व्यवस्था सम्हाल लो, सूदखोरों और ब्लैकमेलरों को तो मैं संभालने आ ही रहा हूं…।
दो दिनों पहले प्रवीण चौहान निवासी सांईधाम कालोनी मंछामन ने नृसिंहघाट ब्रिज से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। प्रवीण चौहान मेडिकल स्टोर संचालित करता था। प्रवीण के सुसाईड नोट में प्लाट के सौदे में धोखे की बात लिखी थी। परिवारजनों ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। महाकाल पुलिस सुसाइड नोट के आधार पर जांच शुरू की थी। इधर प्रवीण के छोटे भाई पीयूष चौहान ने सुबह नृसिंहघाट ब्रिज पर पहुंचकर नदी में छलांग लगा दी।
आसपास के लोगों ने उसे नदी में कूदते देखा और पुलिस व तैराक दल को सूचना दी। पीयूष के दोस्तों व परिवारजनों ने बताया कि प्रवीण की अस्थी संचय करने श्मशान गये थे। वहां से लौटकर घर पर उठावना था इस कारण दोस्त व परिचित घर पर थे। उसी दौरान पीयूष कुछ सामान लेने का कहकर घर से मेस्ट्रो क्रमांक एमपी 13 डीएक्स 5287 से निकला था।
पीयूष चौहान की फेसबुक पोस्ट पढऩे के बाद उसके दोस्त सहित पत्नी नृसिंहघाट ब्रिज पहुंचे। यहां होमगार्ड जवान और तैराक दल नदी में शव की तलाश कर रहे थे उसी दौरान विलाप करते हुए पीयूष की पत्नी ने नदी की ओर दौड़ लगा दी। यहां मौजूद परिजनों ने उसे बड़ी मुश्किल से पकड़ा और ढांढस बंधाते हुए वहीं पर बैठा दिया।
पीयूष चौहान ने फेसबुक पर एक पोस्ट डाली जिसमें लिखा था भैया मैं राख के ढेर में तुझे ढूंढ रहा था, पर तू मुझे मिला नहीं, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है अब क्या करना है, तू मेको बता दे यार अब क्या करना है, मैं तुझसे पूछने आ रहा हूं…। इस पोस्ट के एक घंटे बाद पीयूष ने दूसरी पोस्ट डाली जिसमें लिखा था मेरे पापा को ये जरूर कह देना कि सोनू और पीयूष गए हैं व्यवस्था करने, दादी और मम्मी से बात करके बता देंगे, फिर आप आ जाना, जबकि पीयूष के वाहन की डिक्की से भी महाकाल पुलिस ने एक सुसाइड नोट बरामद किया है बताया जाता है कि वह सुसाइड नोट प्रवीण चौहान ने लिखा था।

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